सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन बड़ी लापरवाही सामने आई। मंगलवार को गणित विषय की परीक्षा के दौरान जिले के बालूद स्वामी आत्मानंद आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र में 56 प्रश्नपत्र कम पहुंचने से हड़कंप मच गया। प्रश्नपत्रों की कमी के कारण 56 परीक्षार्थियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा और उन्हें सुबह से शाम तक स्कूल परिसर में ही रोके रखा गया। जानकारी के अनुसार केंद्र में गणित (बेसिक) के 165 और गणित (स्टैंडर्ड) के 20 परीक्षार्थी दर्ज थे। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा का निर्धारित समय था। लेकिन बेसिक गणित के 56 प्रश्नपत्र बोर्ड की ओर से कम भेजे गए थे। केंद्र प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना बोर्ड को दी, जिसके बाद प्रश्नपत्रों की फोटो कॉपी कराई गई। करीब दो घंटे की देरी से 56 विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए और उनकी परीक्षा दोपहर 12.45 बजे शुरू हुई, जो शाम 3:45 बजे जाकर समाप्त हुई। इस दौरान पेपर लीक होने की आशंका से स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा दे चुके किसी भी छात्र को बाहर नहीं जाने दिया।
लंबा इंतजार और अनिश्चितता
पालक दिलीप झाड़े और सुशील गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा। उन्होंने बताया कि सुबह से शाम तक बच्चों को रोके रखने से वे तनाव में आ गए थे। भूखे रहकर परीक्षा देने का सीधा असर उनके प्रदर्शन पर पड़ा है। पालकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। इधर, शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि प्रश्नपत्रों की कमी बोर्ड स्तर पर हुई त्रुटि के कारण सामने आई। हालांकि केंद्र प्रबंधन का दावा है कि पेपर लीक होने से रोकने और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए ही छात्रों को बाहर नहीं जाने दिया गया।


