इंदौर में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों की नियुक्ति के बाद अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों की नंबरिंग का कार्य शुरू किया जा रहा है। करीब 15 साल बाद होने जा रही इस जनगणना के लिए फरवरी और मार्च में मकानों को क्रमवार नंबर दिए जाएंगे और उनके आधार पर ब्लॉक बनाए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में वार्ड सीमा के भीतर तथा ग्रामीण इलाकों में गांव की सीमा के अनुसार ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। एक ब्लॉक में 180 से 200 मकान और लगभग 750 से 800 की आबादी शामिल होगी। मकानों पर अलग-अलग रंग से नंबर लिखे जाएंगे, ताकि प्रगणकों को सर्वे में सुविधा हो। 28.67 लाख मतदाताओं का परीक्षण, 6.78 लाख को नोटिस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में जिले में 4 लाख 47 हजार 648 रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं। कुल 28.67 लाख मतदाताओं के परीक्षण के बाद 6.78 लाख को नोटिस जारी किए गए। सुनवाई के बाद 5108 मतदाता अपात्र पाए गए, जबकि 551 नाम अन्य स्थान पर पंजीकरण के कारण हटाए गए। समीक्षा के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 24.19 लाख रह गई है। प्रशासन अब अंतिम प्रकाशन की तैयारी कर रहा है। प्रारंभिक चरण में 28.67 लाख गणना पत्र


