मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान सुसनेर से कांग्रेस विधायक भैरो सिंह ‘बापू’ परिहार ने अपने क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार पर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने जिले की तुलना ‘उड़ता पंजाब’ से करते हुए कहा कि आगर-मालवा ‘उड़ता आगर’ बनता जा रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य और परिवारों की शांति खतरे में है। विधायक परिहार ने सदन में स्थानीय खुफिया तंत्र की विफलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिले में नशे का जाल इस कदर फैल चुका है कि अब बाहरी एजेंसियां और राजस्थान पुलिस यहाँ आकर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने पूछा, ‘जब नारकोटिक्स विभाग और दूसरे राज्यों की पुलिस आगर में आकर ड्रग्स पकड़ सकती है, तो स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगती? क्या यह स्थानीय खुफिया तंत्र की पूरी तरह से विफलता नहीं है?’ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विधायक ने आरोप लगाया कि दबाव बढ़ने पर पुलिस अक्सर छोटे और कभी-कभी निर्दोष लोगों को पकड़कर अपनी कार्रवाई की औपचारिकता पूरी कर लेती है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार के असली ‘मगरमच्छ’ और बड़े नेटवर्क आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और उनके नाम फाइलों से गायब कर दिए जाते हैं। परिहार ने चिंता व्यक्त की कि राजस्थान की सीमा से नशे की खेप लगातार जिले में प्रवेश कर रही है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग और निगरानी व्यवस्था इतनी ढीली क्यों है और दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय की कमी क्यों बनी हुई है। विधायक भैरो सिंह परिहार ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरकार से कई मांगें कीं। इनमें आगर जिले के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन, राजस्थान सीमा पर सघन जांच के लिए स्थाई चेकपोस्ट का निर्माण, पिछले 5 वर्षों में ड्रग्स ज़ब्ती और की गई कार्रवाई पर सदन में ‘श्वेत पत्र’ रखना और स्कूल-कॉलेज स्तर पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाना शामिल है।


