गाडरी समाज में मृत्युभोज व डीजे पर रोक:खर्च कम, शिक्षा पर जोर; समाज जुटाएगा छात्रावास के लिए धन

नाथद्वारा के निकट कुंठवा गांव स्थित खांखलदेवजी मंदिर परिसर में अखिल भारतीय धनगर मेवाड़ा गाडरी समाज की पांच चौकला की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के पंच-पटेलों के साथ बड़ी संख्या में युवा भी मौजूद रहे। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। छात्रावास निर्माण के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव पारित संत अमरा भगत गाडरी समाज विकास संस्था के जिलाध्यक्ष किशन लाल ने बताया कि बैठक में समाज के विकास और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला स्तरीय छात्रावास भवन निर्माण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके लिए भूमि आवंटन करवाने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी।
साथ ही जिले के सभी चौकलों और समाज के भामाशाहों के सहयोग से आर्थिक राशि एकत्रित करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि छात्रावास निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। मृत्युभोज पर पूर्ण प्रतिबंध, सामूहिक विवाह को बढ़ावा बैठक में सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए मृत्युभोज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई। इसके साथ ही समाज स्तर पर जिला स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा और समाज में समानता बढ़ेगी। शादी में आभूषण की सीमा तय, डीजे साउंड पर रोक समाज ने विवाह समारोह में फिजूलखर्ची रोकने के लिए स्पष्ट नियम तय किए। सामूहिक सहमति से निर्णय लिया गया कि वर पक्ष वधू से दो तोला सोना और एक किलोग्राम चांदी से अधिक आभूषण नहीं लेगा।
इसके अलावा पांचों चौकलों में विवाह समारोह के दौरान डीजे साउंड पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। बैठक में यह भी आह्वान किया गया कि जन्मदिन जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च करने के बजाय वह राशि समाज के छात्रावास निर्माण में सहयोग के रूप में दी जाए। समाजहित से जुड़े सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

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