विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मंगलवार 17 फरवरी को पाली को लेकर भी दो महत्वपूर्ण घोषणा की है। बांडी नदी पर पूल बनाने के लिए 40 बजट स्वीकृत्त किया है। वही पाली और बालोतरा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी से खराब हो रही बांडी और जोजरी नदी को बचाने के लिए फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी पचपदरा पहुंचाने के प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर बनवाने की घोषणा की है। इससे पालीवासियों में खुशी है कि शहर की दो महत्वपूर्ण समस्या के समाधान को लेकर बजट में पाली का ध्यान रखा है। मंत्री जोराराम कुमावत, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पाली विधायक भीमराज भाटी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकार तक शहरवासियों की बात पहुंचाई थी।
कांग्रेस राज में भी हुई थी घोषणा, लेकिन नहीं बन पाया था बांडी नदी पर पूल
बता दे कि कांग्रेस सरकार ने 2023-24 के बजट में 35 करोड़ की घोषणा की थी, पाली के बांडी नदी पर पूल बनाने के लिए इसके लिए 3 बार टेंडर निरस्त होने से काम शुरू नहीं हो पाया। अब नई घोषणा ने उम्मीद जगी है कि 50 साल पुरानी, जर्जर और बरसात में डूबने पूल की जगह स्थाई समाधान मिलेगा।
यह भी हुई घोषणाएं
– जैतारण-निमाज शहरी पेयजल योजना के लिए 15.21 करोड़।
– नाना-पिंडवाड़ा वाया सिवेरा, जवाई पर पुलिया के लिए 4.50 करोड़।
– राज्य मार्ग 61 नया गांव से NH-48 दिवेर तक 10 किमी चौड़ीकरण के लिए 10 करोड़।
– सुमेरपुर में नई सड़क निर्माण कार्य के लिए 17.50 करोड़।
– बोरड़ी गांव (बाली) में नदी पर पुलिया के लिए 1.65 करोड़।
– जीवंद कलां-बोरड़ी रोड से बेरा भादरवा तक 3.5 किमी सड़क के लिए 80 लाख।
– बोरड़ी से गवाड़ा सड़क मय पुलिया के लिए 3.25 करोड़।
– देवली हुल्ला (सोजत) में 33/11 केवी जीएसएस बनेगा।
– जैतारण नगर पालिका में सौंदर्याकरण राशि घोषित के लिए नहीं।
– सांडिया उप स्वास्थ्य केंद्र को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्रमोन्नत।
साल 1978 में बना था बांडी नदी पर पूल
पाली शहर को नए बस स्टैंड और सुमेरपुर रोड से जोड़ने वाली बांडी नदी पर बना पुल 1978 का है। 2014 में जर्जर घोषित हुआ। 2016 में मियाद पूरी हो गई और 2023 में PWD की रिपोर्ट आई कि यह पुल कभी भी ढह सकता है। इसके बावजूद 35 करोड़ की बजट घोषणा (2023-24) के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। 3 बार टेंडर लगे, लेकिन उच्च दर, आचार संहिता और वित्तीय समीक्षा के कारण निरस्त हो गए। अब 40 करोड़ की नई घोषणा हुई है। देखने वाली बात होगी इस बार पूल का निर्माण धरातल पर होगा या यह भी कागजों तक ही सीमित रहेगा। प्रदूषित पानी पचपदरा भेजने के लिए चाहिए 700 करोड़ का बजट
राज्य सरकार ने बांडी-जोजरी का गंदा पानी पचपदरा पहुंचाने के लिए फिलहाल सिर्फ DPR बनाने की घोषणा की है, लेकिन बजट नहीं दिया। प्लान है कि बांडी नदी और जोजरी नदी में गिरने वाले फैक्ट्रियों के प्रदूषित पानी को पाइपलाइन से 100-120 KM दूर पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचाया जाए।
इसके लिए मोटी पाइपलाइन और पंपिंग स्टेशन बनेंगे। करीब 40 MLD (मिलियन लीटर/दिन) ट्रीटेड पानी मिल सकता है। इतनी दूरी की पाइपलाइन, पंपिंग और प्लांट अपग्रेड पर मोटा खर्च 700-1000 करोड़ रुपए तक बैठ सकता है। अभी न बजट तय है, न रिफाइनरी की लिखित सहमति भी जरूरी होगी। पाइप लाइन बिछ जाती है तो बांडी-जोजरी नदी में प्रदूषण की गंदगी कम होगी। रिफाइनरी को मीठे पानी का विकल्प मिल जाएगा। भूजल और नहर के पानी पर दबाव घटाया जा सकेगा।


