राजस्थान में जल जीवन मिशन के दौरान हुए 900 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई की है। एसीबी ने मंगलवार को पूरे प्रदेश में बड़ा ऑपरेशन चलाया। एसीबी टीमों ने बाड़मेर, जयपुर और उदयपुर सहित 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी करते हुए पीएचईडी के मुख्य अभियंता दिनेश गोयल सहित कुल 9 अधिकारियों को हिरासत में लिया है। रेलवे स्टेशन पर पहुंची एसीबी, एक्सईएन की घेराबंदी की जोधपुर पीएचईडी में तैनात अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन) विशाल सक्सेना को एसीबी ने बाड़मेर रेलवे स्टेशन से नाटकीय अंदाज में डिटेन किया। विशाल सक्सेना मंगलवार को सुबह करीब 5 बजे ट्रेन से बाड़मेर पहुंचे थे। वे वीरातरा माता मंदिर के दर्शन के लिए आए थे। एसीबी की टीम को उनके आने की गुप्त सूचना पहले से थी। जैसे ही सक्सेना स्टेशन पर उतरे वहां तैनात टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी प्रकार उदयपुर के फाइव स्टार होटल में एसीबी की कार्रवाई हुई। गिरफ्तार किए गए 9 अधिकारियों में से तीन सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि एक पहले से ही निलंबित चल रहा था। इन सभी पर योजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। फर्जी बिलिंग, चहेती कंपनियों को टेंडर देने के आरोप शुरूआती पूछताछ के बाद टीम उन्हें लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गई, जहां मुख्यालय में उनसे पूछताछ की जाएगी। जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है, उसमें फर्जी बिलिंग, घटिया सामग्री का उपयोग और टेंडर प्रक्रिया में चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। एसीबी की इस कार्रवाई से पीएचईडी विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों से पूछताछ जारी है।


