भास्कर न्यूज| धमतरी जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट कोरोना काल के दौरान स्थापित किया है। इस प्लांट का रखरखाव, मेंटनेंस, ऑक्सीजन थैरेपी एवं उसके डोज आदि की जानकारी लेने राज्य से 5 सदस्यीय थर्ड पार्टी टीम जिला अस्पताल पहुंची। यहां तीन दिनों तक रहकर अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट का बारीकी से निरीक्षण करेगी। टीम ने ऑक्सीजन प्लांट और वहां से सप्लाई हो रहे ऑक्सीजन की जानकारी वार्डों में जाकर ली। वार्डों में जाकर ऑक्सीजन है या नहीं, करोड़ों की लागत से मशीन लगाई गई है, इसका उपयोग हो रहा है या नहीं, किस प्रकार से उपयोग कर रहा है, जरूरत के अनुसार उपयोग हो रहा है आदि की जानकारी ली। अस्पताल सलाहकार गिरीश कश्यप ने बताया कि जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का मेंटनेंस जेडीएस या अन्य मद से किया जा रहा है। राज्य द्वारा निरीक्षण पूरा होने के बाद इसका मेंटनेंस राज्य स्तर से होगा। बीते दिनों ट्रेनिंग दी गई थी, जिसमें ऑक्सीजन मीटर उपयोग कैसे उपयोग करना है, ऑक्सीजन मीटर की प्रतिशत जांच, मास्क, सी-पैप आदि के उपयोग शामल थे। ट्रेनिंग के बाद पहले चरण में मॉडल जिले में टीम ने विजिट किया है। इसमें रायपुर और धमतरी को शामिल किया गया है। डब्ल्यूजेसीएफ द्वारा 16 फरवरी को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें प्रदेशभर से अस्पताल की टीम पहुंची थी। इसमें धमतरी जिले से अस्पताल सलाहकार गिरीश कश्यप, डॉ. आदित्य सिन्हा, कोविड के जिला नोडल अधिकारी, बायोमेडिकल इंजीनियर शामिल हुए थे। सभी को 13 बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया था। इसमें चिकित्सा ऑक्सीजन की तैयारी और भविष्य के दृष्टिकोण, छत्तीसगढ़ में चिकित्सा ऑक्सीजन कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण समेत अन्य बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। डब्ल्यूजेसीएफ का उद्देश्य डब्ल्यूजेसीएफ (जे क्लिंटन फाउंडेशन) एक संस्था है। यह डेटा-आधारित दृष्टिकोण और प्रबंधन सिद्धांतों को जन स्वास्थ्य विशेषज्ञता के साथ जोड़ते हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में आने वाली बाधाओं की पहचान करके उन्हें दूर किया जा सके। इनके 5 सदस्यीय टीम अस्पताल में पहुंची है। 3 दिनों तक ऑक्सीजन प्लांट का बारीकी से निरीक्षण कर उपयोग व कमियों की जानकारी नोट करेगी।


