लुधियाना में 159 लोगों पर FIR दर्ज:जमीन रजिस्ट्री पर स्टांप डयूटी का घोटाला,हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ एक्शन

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लुधियाना (पूर्वी) में जमीन रजिस्ट्री से जुड़े बड़े मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। कोर्ट के आदेशों के तहत पत्र नंबर 679, दिनांक 12 फरवरी 2026 के अनुसार दर्ज रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि Annexure R-2 में शामिल कुल 296 मामलों में से 159 केसों में रजिस्ट्री के दौरान स्टांप ड्यूटी (Undervalued Land Transactions) कम पाई गई। कोर्ट ने बाकी 134 मामलों में कहा है कि स्टांप एक्ट की धारा 47-A के तहत कम स्टांप ड्यूटी निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाए और इसे चार सप्ताह के भीतर निपटाया जाए। एक मामले में स्टांप ड्यूटी की कोई कमी नहीं पाई गई। दो मामलों में डिविजनल कमिश्नर के पास पहले ही अपील लंबित है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है। 2.5 लाख रजिस्ट्री दस्तावेजों की जांच सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि क्षेत्र में करीब 2.5 लाख सेल डीड रजिस्टर्ड हुई थीं और स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी पकड़ने के लिए हर दस्तावेज की मैन्युअल जांच करनी होगी। यह निर्देश व्हिसलब्लोअर सुभाष कुंद्रा उर्फ कट्टी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किए गए। किट्टी 2016 से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने पुलिस, विजिलेंस ब्यूरो और जिला प्रशासन को कई शिकायतें देकर आरोप लगाया था कि प्रॉपर्टियों की कम कीमत दिखाकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया। कुंद्रा ने यह भी दावा किया कि मामला उठाने पर उन्हें धमकियां मिलीं और उन पर हमला तक किया गया। पिछली सुनवाई में क्या हुआ? 9 फरवरी की पिछली सुनवाई में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) ने कोर्ट को बताया था कि सभी 296 मामलों में FIR दर्ज कर जांच की जाएगी। सुनवाई के दौरान मौजूद डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर गिरजिंदर सिंह ने कोर्ट को भरोसा दिया कि वह खुद मामले की जांच करेंगे और अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी जांच करने की बात कही कि 296 मामलों में कम स्टांप ड्यूटी की रिकवरी क्यों नहीं हुई।

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