छेड़छाड़ और आईटी एक्ट मामले में परासिया नपा अध्यक्ष गिरफ्तार:समर्थकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग, SDOP पर आरोप

छिंदवाड़ा में महिलाओं से छेड़छाड़ और आईटी एक्ट से जुड़े मामले में फरार चल रहे परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय को मंगलवार शाम चांदामेटा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजने की तैयारी की है। कथित ऑडियो के बाद बढ़ा विवाद गौरतलब है कि विनोद मालवीय के खिलाफ महिलाओं से अशोभनीय बातचीत और ठेकेदार से कमीशन मांगने से जुड़ा कथित ऑडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया था। इसी प्रकरण में उन पर छेड़छाड़ और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले का असर देखने को मिला। पार्टी ने शिष्टाचार विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। चांदामेटा थाना प्रभारी खेलचंद पटले ने बताया कि आरोपी को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया है। नियमानुसार उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 2 दिन पहले की थी आत्मदाह की बात विनोद मालवीय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक में दो दिन पहले एक वीडियो की अपलोड किया था जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपी के मामले में अन्य महिलाओं द्वारा भी संयोजित तरीके से आरोप लगाने का शक जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई ऐसा न होने पर उन्होंने अपनी पत्नी बच्चों सहित आत्मदाह करने की बात कही थी समर्थकों का प्रदर्शन, एसपी से की शिकायत इधर नपा अध्यक्ष के समर्थन में दर्जनों वार्डवासी मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लिखित आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मातामंदिर मोहल्ला से मोक्षधाम मार्ग तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को एक महिला द्वारा अवैध निर्माण के कारण रोका गया था। वार्डवासियों का कहना है कि इसी विवाद के चलते संबंधित महिला ने नपा अध्यक्ष के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला द्वारा पूरे वार्डवासियों को धमकाया गया है। एसडीओपी पर भी लगाए आरोप आवेदन में वार्डवासियों ने यह भी उल्लेख किया कि जब वे शिकायत लेकर एसडीओपी जितेंद्र जाट के पास पहुंचे तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। उन्होंने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। एक ओर जहां नपा अध्यक्ष की गिरफ्तारी से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल है, वहीं समर्थकों द्वारा लगाए गए आरोपों ने मामले को और जटिल बना दिया है।

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