कोरबा में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने महापौर संजू देवी राजपूत के वार्ड राताखार में जमीन विवाद को लेकर जनता के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है और दस्तावेजों में हेराफेरी की जा रही है। दरअसल, यह मामला नगर निगम क्षेत्र राताखार के खसरा नंबर 74/1 से संबंधित है। जहां पूर्ववर्ती सरकार में लोगों को जमीन का पट्टा मिला था। बिलासपुर उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को खसरा नंबर 74/1 का स्थल जांच और सीमांकन करने का आदेश दिया था। ननकीराम कंवर के अनुसार, कोरबा तहसीलदार ने उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए ग्रामीणों को कब्जा खाली करने का नोटिस जारी किया है। आरोप है कि बिना किसी जांच या सीमांकन के, राजस्व अधिकारियों और पटवारी की ओर से बनोटी दस्तावेज तैयार कर दस्तावेजों में हेराफेरी की जा रही है। जिससे न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है। तहसीलदार कोरबा के पत्र क्रमांक 88/तह./वा.2026 कोरवा दिनांक 16-01/2026 में 55/1 से अवैध कब्जा हटाने की बात कही गई है, जबकि 74/1 का सीमांकन नहीं हुआ है। प्रशासनिक कार्रवाई से जनता में बढ़ रहा आक्रोश ननकीराम कंवर ने अपने पत्रों में स्पष्ट किया है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से जनता में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए मांग की है कि बिलासपुर उच्च न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन किया जाए और दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव और राजस्व सचिव को दोबारा पत्र, कार्रवाई की मांग अपनी मांगों को दोहराते हुए, ननकीराम कंवर ने विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले एक बार फिर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव और राजस्व सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पट्टाधारी जनता इस स्थिति से भयभीत और परेशान है।


