प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते जैसलमेर के मौसम में बुधवार को भी ठंडक घुली रही। पिछले दो दिनों से जारी ठंडी हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में 2-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री रहा, वहीं बुधवार को भी आसमान में बादलों की आवाजाही और हल्की हवाओं ने गर्मी के तेवरों को नरम रखा। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार शाम और गुरुवार सुबह के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की प्रबल संभावना है। फिलहाल, आगामी 24 घंटों तक जिले में बादलों का डेरा रहेगा और ठंडी हवाएं चलने से पारा और गिर सकता है। फसलों पर संकट कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में रबी की मुख्य फसलों—सरसों और ईसबगोल की कटाई का काम जोरों पर है। ऐसे में मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए मुसीबत बन सकता है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने चेतावनी दी है कि कटी हुई सरसों की फसल अगर बारिश में भीगती है, तो दाने की गुणवत्ता और तेल की मात्रा प्रभावित होगी। वहीं, ईसबगोल की पककर तैयार खड़ी फसल के लिए हल्की बूंदाबांदी भी ‘जहर’ समान है, क्योंकि पानी गिरने से दाना काला पड़ जाता है और बाजार भाव गिर जाता है। आज मेघगर्जन के साथ बूंदाबांदी की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार शाम और गुरुवार सुबह के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की प्रबल संभावना है। 19 फरवरी के बाद एक और विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें या वॉटरप्रूफ त्रिपाल का इंतजाम रखें। फिलहाल, आगामी 24 घंटों तक जिले में बादलों का डेरा रहेगा और ठंडी हवाएं चलने से पारा और गिर सकता है।


