सभी कोच में सीसीटीवी, कवच प्रणाली लग रही, बाल​सिरिंग में बनेगा कोच डिपो

रांची रेल मंडल के यात्रियों के लिए सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सभी नए कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने की शुरुआत हो चुकी है। अगले महीने से एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों के कोच में भी कैमरे लगने शुरू हो जाएंगे। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा मिलेगी। गरीब रथ और राजधानी एक्सप्रेस के कई कोच में कैमरे लग चुके हैं, जबकि वंदे भारत ट्रेनों के सभी कोच पहले से सुसज्जित हैं। इसके साथ ही भारतीय रेलवे का स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम रेलवे कवच लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इससे एक ही ट्रैक पर दो ट्रेन आने पर वे स्वत: रुक जाएंगी। वहीं, बालसिरिंग में नया कोचिंग डिपो बना कर उच्च क्षमता वाली ट्रेनों का रख‑रखाव शुरू किए जाने की बात भी कही जा रही है। बालसिरिंग में कोच ​डिपो बनने से प्रीमियम ट्रेनों का रख-रखाव होगा बाल​सिरिंग में रांची रेल मंडल के तहत नया कोचिंग डिपो बनाने की मंजूरी मिल गई है। यह डिपो मुख्य रूप से वंदे भारत जैसी आधुनिक और उच्च क्षमता वाली ट्रेनों के कोचों के रख‑रखाव, मरम्मत और निरीक्षण के लिए विकसित किया जाएगा। डिपो के निर्माण से हटिया स्टेशन पर कोचों का भार कम होगा और रांची रेल मंडल की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। इसके माध्यम से ट्रेनों का रख‑रखाव अधिक सुविधाजनक, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। डिपो में उन्नत तकनीकी सुविधाओं के साथ मरम्मत, सफाई और निरीक्षण के कार्य होंगे, जिससे यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और संचालन में देरी कम होगी। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह कदम रेल सेवा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। रेलवे कवच सिस्टम: 917 रूट किमी में चल रहा प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने का काम रेलवे कवच सिस्टम भारतीय रेलवे का स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसका उद्देश्य ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है। यह सिस्टम ट्रेन, ट्रैक और सिग्नल के बीच डिजिटल संचार के जरिए काम करता है। अगर कोई ट्रेन लाल सिग्नल पार कर जाती है या तेज गति में चल रही होती है तो कवच अपने आप ब्रेक लगा देता है, जिससे मानवीय गलती से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना बहुत कम हो जाती है। झारखंड में कुल 1907 रूट किलोमीटर के लिए कवच सिस्टम को सैंक्शन किया गया है। इस साल आधा से अधिक काम पूरा होने की उम्मीद है और वर्तमान में 917 किलोमीटर में काम चल रहा है। रेलवे कवच न केवल सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि भारतीय रेलवे के संचालन को और अधिक भरोसेमंद बनाता है। सीसीटीवी: अगले माह से सभी ट्रेनों में कैमरे लगाने का काम शुरू हो जाएगा वर्तमान में रेलवे के सभी नए कोच सीसीटीवी कैमरों से लैस होकर आ रही हैं। गरीब रथ और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के नए कोचेज में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। अन्य सभी ट्रेनों में सीसीटीवी लगाने के लिए रेलवे ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारी के अनुसार, अभी रांची रेल मंडल से चलने वाली प्रमुखा ट्रेनों के 25 से ज्यादा कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक महीने के बाद रांची से चलने वाली लगभग 66 जोड़ी ट्रेनों के सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है। यह सुरक्षा सुविधा लोकोमोटिव्स में भी उपलब्ध कराई जाएगी। कुछ में उपलब्ध हो चुकी है। सीसीटीवी लगने से यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी मिलेगी। रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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