दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र में 6 फरवरी को सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में करीब 35 वर्षीय युवक का शव मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। 8 फरवरी को शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने 10 दिन की जांच, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान के आधार पर 17 फरवरी को मृतक की पत्नी बबीता वर्मा, उसके प्रेमी हेमंत आर्य और उसके साथी अनिल खटीक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक हत्या प्रेम प्रसंग के चलते सोची-समझी साजिश के तहत की गई। पुल के नीचे मिला शव, मामला बना अंधा कत्ल 6 फरवरी को गोराघाट थाना क्षेत्र में हाईवे पर सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में एक युवक का शव मिला। पहचान न होने से मामला अंधे कत्ल जैसा बन गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि युवक की मौत गला दबाने से हुई थी। इसके बाद शव को नियम अनुसार दफना दिया गया। दो दिन बाद हुई पहचान 8 फरवरी को परिजन थाने पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में की। पुलिस ने जेसीबी से शव निकलवाकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा। यहीं से पुलिस ने मृतक के पारिवारिक रिश्तों और संपर्कों की गहराई से जांच शुरू की। रिश्तेदारी से शुरू हुआ संपर्क जांच में सामने आया कि हंसराज के ताऊ कई साल पहले ग्वालियर जाकर रहने लगे थे। साल 2025 की होली पर एक पारिवारिक कार्यक्रम में ताऊ का लड़का हेमंत झांसी आया था। वहीं हंसराज और हेमंत की मुलाकात हुई।हेमंत ग्वालियर में पॉली बैग (पॉलीथिन) की फैक्ट्री में ऑपरेटर का काम करता है। हंसराज पुराने वाहनों का ऑयल खरीदने और बेचने का कारोबार करता था। जरूरत पड़ने पर हेमंत उसकी आर्थिक मदद करने लगा। इसी कारण दोनों के बीच आना-जाना बढ़ा। धीरे-धीरे हेमंत का घर पर आना-जाना शुरू हुआ और उसकी पहचान हंसराज की पत्नी बबीता से हो गई। बातचीत बढ़ते-बढ़ते प्रेम संबंध में बदल गई। 4 फरवरी को बना हत्या का प्लान 4 फरवरी को हंसराज ग्वालियर अपनी बुआ के यहां जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने गया था। वहीं उसकी मुलाकात हेमंत से हुई। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान बबीता ने हेमंत से कहा कि अब हंसराज को रास्ते से हटाना है। इसके बाद हत्या की साजिश तैयार की गई। साथी को रास्ते में बताया पूरा प्लान हेमंत ने अपने परिचित अनिल खटीक को साथ लिया। शुरुआत में अनिल को हत्या की जानकारी नहीं थी। 5 फरवरी को तीनों ने शराब पी। रास्ते में एक जगह दूर जाकर हेमंत ने अनिल को हत्या का प्लान बताया। इसके बाद अनिल भी इस साजिश में शामिल हो गया। शराब पिलाकर मफलर से दबाया गला शराब के नशे में हंसराज को बाइक से छोड़ने का बहाना बनाकर ले जाया गया। गोराघाट पुल पार करने के बाद सड़क किनारे झाड़ियों में तीनों रुके। वहीं मफलर से हंसराज का गला दबा दिया गया। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। कॉल डिटेल और लोकेशन बने अहम सबूत पुलिस ने जब कॉल डिटेल निकाली तो हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार बातचीत के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयान ने पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ दीं। 10 दिन की लगातार जांच के बाद 17 फरवरी को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पत्नी का आरोप और पुलिस का खुलासा पुलिस पूछताछ में बबीता ने कहा कि उसका पति शराब पीने का आदी था और आए दिन मारपीट करता था। वह इस वजह से परेशान रहती थी। उसके दो बच्चे हैं लेकिन पुलिस का कहना है कि इन सबके बीच उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था और उसी के चलते पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। जब्त हुए अहम सामान आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


