बूंदी जिले के एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल संतरा बडोलियां पर फॉर्म भरने और हस्ताक्षर करने के बदले ग्रामीणों से पैसे वसूलने का आरोप लगा है। आरोप है कि प्रिंसिपल प्रति फॉर्म 100 रुपये ले रही हैं और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। यह मामला हुवालिया, खजूर का नला और हाथी खेड़ा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रभावित कर रहा है। ये ग्रामीण अपनी विभिन्न आवश्यकताओं के लिए स्कूल से संबंधित फॉर्म भरवाने या हस्ताक्षर करवाने आते हैं। ग्रामीणों ने प्रिंसिपल के इस कृत्य पर नाराजगी व्यक्त की है। खजूर का नला निवासी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि वे आय प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हुवालिया की प्रिंसिपल के पास गए थे। प्रिंसिपल ने उनसे हस्ताक्षर के लिए 200 रुपये ‘डोनेशन’ के रूप में मांगे। मीणा के अनुसार प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि ‘तेरी इच्छा हो जो कर ले, तू कलेक्टर, एसडीएम या मुख्यमंत्री के पास जा, तब भी मैं साइन नहीं करूंगी।’ इस संबंध में हिंडोली के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बुद्धाराम ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट मंगाई गई है। जांच में जो भी गलती पाई जाएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रिंसिपल संतरा बडोलियां ने बताया कि प्रार्थी मेरे पास आय प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर करवाने के लिए आए थे। जो प्रारूप लेकर आए उसे भर नहीं गया था। प्रार्थी के हस्ताक्षर भी उस पर नहीं किए गए थे, उसको भी भरवाकर कंप्लीट करवाया। उसे समय मेरे द्वारा स्कूल विकास कार्य में अनुदान के लिए निवेदन किया गया था, जिसकी भामाशाहों से अपेक्षा करते हैं। इतना कहते ही प्रार्थी बोलने लगा कि आप रिश्वत ले रहे हो, जो कि गलत है मेरे द्वारा कोई भी रिश्वत नहीं ली जा रही है। इस कारण मैंने उसके आय प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया, क्योंकि वह मेरे ऊपर रिश्वत का मिथ्या आरोप लगा रहा है।


