झुंझुनूं जिले में बुधवार को अचानक मौसम बदला और बारिश का दौर शुरू हुआ। इससे पहले मंगलवार रात को भी बादलों की गर्जना के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। बुधवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। वहीं जिले के पिलानी और चिड़ावा में सुबह बारिश के साथ ओले भी गिरे। पिलानी और आसपास के क्षेत्रों में ओले गिरे और तेज बारिश का दौर चला। सुबह 11 बजे करीब 5 मिनट तक बैर के आकार के ओले गिरे। ओलावृष्टि के बाद करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। इधर, मौसम विभाग ने जिले में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। साथ ही संभावना जताई है कि अगले दो से तीन दिन में पारा भी गिरेगा। इधर, बारिश के बाद खेत में खड़ी फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है। फोटो में देखें जिले में बदला मौसम…
जिले में भी बारिश, रबी की फसलों को नुकसान मंगलवार देर रात जिले के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदला। बुधवार सुबह भी बादल छाए हुए थे। ऐसे में शीतलहर चलने से ठंड भी बढ़ गई है। इधर, बुधवार को झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में भी बुधवार सुबह तेज बारिश के साथ ओले गिरे। बारिश और ओलावृष्टि के कारण रबी की फसलों को नुकसान होने की आशंका है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसका असर सरसों, गेहूं और चना जैसी फसलों पर पड़ सकता है।
आगे क्या- जिले में ओलावृष्टि का अलर्ट मौसम केंद्र जयपुर के अनुसा वर्तमान में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) प्रभावी है। आगामी 48 से 72 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग ने मेघगर्जना के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि का ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है। इस बेमौसम बारिश को खेती के लिए ‘मावठ’ के रूप में देखा जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है- यह बारिश रबी की फसलों के लिए ‘संजीवनी’ का काम करेगी। मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की ग्रोथ अच्छी होगी। यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है तो तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।


