मोगा जिले के कोट ईसे खां में मंदिर की जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब गहरा गया है। इस मामले में किसान संगठनों ने पुलिस की दखलअंदाजी के विरोध में प्रदर्शन किया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को एक मांग पत्र सौंपा। बता दे कि कोट ईसे खां स्थित गोबिंदपुरी मंदिर की जमीन को लेकर पिछले 5 महीनों से विवाद चल रहा है। किसानों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने मंदिर के पुजारी के साथ दुर्व्यवहार किया, उनकी कार जब्त कर ली और मंदिर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें धरना देने पर मजबूर होना पड़ा।
मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किसान नेता चमकौर सिंह रोडे ने बताया कि मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है और पुजारी को डेरे से बाहर निकाल दिया गया है। उन्होंने मांग की कि पुजारी को दोबारा मंदिर में स्थापित किया जाए, चोरी हुआ सामान वापस दिलाया जाए और किसानों पर दर्ज मामले रद्द किए जाएं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो उनका संघर्ष और तेज किया जाएगा। पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग इस संबंध में डीएसपी जसविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह मामला दो पक्षों के बीच संपत्ति विवाद का है और इसकी निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि जो भी कानूनी फैसला आएगा, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। जल्द समाधान की मांग मंदिर के सेवादार महंत गोबिंदपुरी ने बताया कि वह कई वर्षों से डेरे में सेवा कर रहे हैं और कुछ लोग जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट तक भी गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि कब्जा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर की जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी है, जबकि किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामला जल्द हल नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


