भिवाड़ी के खशुखेखड़ा में जिस अवैध फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में 7 लोग जिंदा जल गए, उसने भिवाड़ी DST पुलिस हेड कॉन्स्टेबल योगेश शर्मा का भाई चला रहा था। किराए का एग्रीमेंट पुलिस के हाथ लग गया है। फैक्ट्री का मालिक हेमंत कुमार सचदेवा है। मामले में एक और चौंकाने वाले खुलासा ये भी हुआ है कि DST के प्रभारी यानी टपूकड़ा थानेदार और हैड कांस्टेबल योगेश शर्मा गोल्डन तुलिप होटल के बगल की आवासीय सोसायटी में फ्लैट नंबर 1205 में एक साथ रह रहे थे। ये फ्लैट फैक्ट्री के मालिक हेमंत कुमार की पत्नी ज्योति के नाम है। यही नहीं दो अन्य पटाखों की अवैध फैक्ट्रियों को चलाने वाले भी यही गिरोह है। रात 1 बजे हेड कांस्टेबल के भाई के घर पर छापा, अगले दिन थानेदार के फ्लैट पर हादसे वाली रात 1 बजे पुलिस ने हैड कॉन्स्टेबल योगेश शर्मा के भाई हेमंत के शाहजहांपुर स्थित घर में रेड मारी। वहां से हेमंत को हिरासत में ले लिया। अगले दिन DSP कैलाश चौधरी व थानेदार दारा सिंह ने टपूकड़ा थानेदार और हैड कॉन्स्टेबल योगेश के फ्लैट पर जांच की। वहां फ्लैट के कागजात की जांच से खुलासा हुआ कि दोनों जिस 1205 नंबर फ्लैट में रह रहे थे, उसकी मालकिन फैक्ट्री मालिक हेमंत सचदेवा की पत्नी ज्योति कुमारी है। इससे पहले ये दोनों पुलिस वाले बगल के फ्लैट में रह रहे थे।
हेमंत शर्मा के नाम फैक्ट्री का एग्रीमेंट जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि फैक्ट्री का मालिक तो हेमंत सचदेवा है, लेकिन फैक्ट्री का चलाने का एग्रीमेंट हैड कॉन्स्टेबल के भाई हेमंत शर्मा के नाम किया हुआ था। हेमंत शर्मा कभी कभार ही टपूकड़ा भिवाड़ी आता था। ा दोनों का साथ तबादला, गैलेंट्री प्रमोशन मिला था हेड कांस्टेबल को हैड काॅन्स्टेबल योगेश शर्मा व प्रभारी मुकेश वर्मा का लोकसभा चुनावों से पहले जयपुर ट्रांसफर कर दिया था। बाद में दोनों ही वापस आ गए। मुकेश वर्मा को डीएसटी प्रभारी बना दिया। उन्होंने हैड काॅन्स्टेबल योगेश शर्मा को भी डीएसटी में ले लिया। दोनों पहले ही साथ ही रहते आए हैं। गैंगस्टर पपला गोलीकांड के बाद योगेश शर्मा को गैलेंट्री प्रमोशन भी मिला था। अवैध पटाखों का सच सामने नहीं आता तो वह जल्दी ASI बनने की दौड़ में था। डीएसटी इंचार्ज व टपूकड़ा थानेदार मुकेश वर्मा का कहना है कि 1205 नंबर फ्लैट पर कभी कभार जाता था। मेरे साथ हेड कांस्टेबल योगेश शर्मा भी रुकता था। हम जयपुर से आते थे तब रुकते थे। अब तो मैं थाने में रुकता हूं। पूरे मामले में आईजी राघवेंद्र सुभाष से सीधे सवाल


