मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने बुधवार को अपना बजट पेश कर दिया। बजट में भोपाल को भी 18 सड़कें मिली हैं। इनमें 8 शहर और 10 ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं। हालांकि, पिछले बजट में भोपाल को 41 सड़कें मिली थीं। इस हिसाब से अबकी बार आधी सड़कें ही भोपाल को मिली है। दूसरी ओर, मेट्रो को लेकर भी काम में तेजी आएगी। बता दें कि भोपाल में मेट्रो के 2 रूट पर काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन के फेज-2 का रूट सुभाषनगर से करोंद के बीच है, जबकि ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी तक गुजरेगी। इन दोनों रूट के लिए बजट का प्रावधान है। पिछले बजट में भोपाल को 425 करोड़ रुपए मिले थे। सड़कों पर 143 करोड़ रुपए खर्च होंगे
सरकार ने भोपाल में जिन 18 सड़कों को मंजूरी दी है। इन पर कुल 143.4 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछली बार 41 सड़कें और 3 फ्लाईओवर मंजूर किए गए थे। वहीं, शहर के लगभग हर इलाके और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए टोकन राशि बजट में रखी गई थी। इनकी अनुमानित लागत 447.21 करोड़ रुपए थी। कई काम शुरू नहीं
पिछले बजट में शैतान सिंह तिराहे से कोलार मेन रोड को जोड़ने वाली सड़क और बावड़िया के प्रस्तावित नए आरओबी की एप्रोच रोड बनाने का प्रावधान था। हालांकि, एक साल में यह काम नहीं हो सका है। खेल, सहकारिता में भी करोड़ों का प्रावधान
बजट से भोपाल में खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों को लेकर भी उम्मीदें हैं। पिछले बजटों में इन दोनों ही विभागों को लेकर बजट मिला था। इस बार भोपाल को विशेष तौर पर तो बजट में कुछ नहीं मिला, लेकिन प्रदेश स्तर पर खेल का बजट करोड़ों रुपए का है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के साथ प्रदेश में सहकारिता को जन-आंदोलन के रूप में सशक्त किया जा रहा है। सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 720 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सहकारी बैंकों की अंशपूंजी के लिए 575 करोड़ रुपए, प्राथमिक साख सहकारी समितियों के लिए 168 करोड़ रुपए और स्थापना व्यय के अंतर्गत 70 करोड़ रुपए और ऑडिट बोर्ड के लिए भी 70 करोड़ रुपए बजट निर्धारित किया गया है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 815 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत खेलो इंडिया एमपी के लिए 230 करोड़ रुपए, खेल अकादमियों की स्थापना के लिए 164 करोड़ रुपए, स्टेडियम और खेल अधोसंरचना के विकास हेतु 161 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सीएम युवा-शक्ति योजना के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक एवं सर्वसुविधा संपन्न स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। कैट ने कहा-व्यापारी और बाजार को लेकर बात नहीं कही
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री भूपेंद्र जैन ने कहा कि यह बजट समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए बनाया गया बजट है, लेकिन इस बजट में व्यापारियों के एवं व्यापरियों के मार्केट, बाजार आदि क्षेत्रों के डबलपमेंट की बात नहीं कही गई है। औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए लगभग 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। वहीं डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश, इन्वेस्टमेंट ड्राइव के लिए लगभग 200 करोड का प्रावधान है लेकिन प्रदेश के बाजारों सुव्यवस्थित करने, मूलभूत सुविधा जुटाने, अतिक्रमण मुक्त बाजार बनाने एवं टेक्नोलोजीयुक्त बाजार बनाने की दिशा में किसी प्रकार का प्रावधान नहीं किया गया है। बाजारों की अधोसंरचना के विकास के लिए प्रदेश यदि में 500 करोड़ से अधिक की राशि यदि रखी जाती तो हम समृद्ध मध्यप्रदेश में समृद्ध बाजार और मार्केट भी तैयार कर सकते थे। कैट के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा, व्यापारिक दृष्टिकोण से अपेक्षा थी कि एमएसएमई और लघु व्यापारियों को कर राहत, लाइसेंस प्रक्रिया में सरलीकरण, स्थानीय व्यापार संरक्षण और युवाओं के लिए उद्योग आधारित रोजगार सृजन पर अधिक स्पष्ट और ठोस प्रावधान किए जाते। यदि विकास योजनाओं के साथ व्यापार और उद्योग को भी समान रूप से सशक्त करने की रणनीति जोड़ी जाए तो यह बजट प्रदेश की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता को और अधिक गति दे सकता है। अतिक्रमण, पार्किंग जैसे मुद्दों पर भी सरकार से ठोस निर्णय अपेक्षित
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने कहा कि बजट को व्यापारी वर्ग संतुलित दृष्टि से देख रहा है। प्रक्रिया के सरलीकरण, वेयर हाउस, ऋण सुविधा एवं लॉजिस्टिक ढांचे को मजबूत करने जैसी घोषणाएं स्वागत योग्य हैं। जिससे व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, पारंपरिक बाजारों की जमीनी समस्याएं जैसे- अतिक्रमण, पार्किंग, स्थानीय कर-शुल्क और बढ़ते ऑनलाइन व्यापार से असमान प्रतिस्पर्धा पर अभी और ठोस निर्णय अपेक्षित हैं। छोटे व मध्यम व्यापारियों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब सरकार इन मुद्दों पर व्यावहारिक नीति बनाकर शीघ्र जमीनी अमल सुनिश्चित करें। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन से कई उम्मीदें
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के मंत्री अजय देवनानी ने कहा कि एमएसएमई वर्ग के लिए बजट में 5957 करोड़ की राशि के प्रावधान से प्रदेश की इकॉनमी को तेज गति मिलेगी। नव रोजगार के सृजन के साथ स्टार्टअप अनुकूल व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। द्वारकानगर योजना से आगामी 3 साल में 5000 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश के नगरीय निकायों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाएगा। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन गठन से सुव्यवस्थित नगरीय विकास के साथ भोपाल विकसित राजधानी के रूप में वैश्विक रूप से आगे बढ़ेगा। सभी जनकल्याणकारी योजनाओं जारी रखने के साथ कोई भी नया टैक्स न लगना उपलब्धिपूर्ण है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पारंपरिक क्षेत्रों के साथ धार्मिक एवम मेडिकल टूरिज्म के लिए बड़ी राशि का आवंटन किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को भी इस बजट के माध्यम से पूर्ण किया गया है।


