कांग्रेस जिला अध्यक्ष बोले-बजट में शाजापुर के लिए ठेंगा:डेढ़ घंटे के भाषण में केवल एक बार जिक्र; सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज बनने की बात

मध्य प्रदेश के बजट सत्र 2026 में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मोहन सरकार का तीसरा बजट पेश किया। 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के इस बजट में शाजापुर को कुछ खास नहीं मिला है। एक घंटा 30 मिनट के अपने भाषण में वित्त मंत्री देवड़ा में केवल एक बार शाजापुर नाम लिया गया। शाजापुर में बनेगा एक मेडिकल कॉलेज वित्त मंत्री ने भिंड, मुरैना, खरगौन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और साथ ही शाजापुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्राइवेट सेक्टर की मदद से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना कर रही है। इसमें जन-निजी भागीदारी के आधार पर धार, बैतूल और पन्ना में नए मेडिकल कॉलेज के लिए डील हो चुकी है। और कुछ जिलों में बातचीत जारी है। बजट के बाद पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी तेज शाजापुर के लिए किसी नई बड़ी योजना की घोषणा न होने से जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों में निराशा का माहौल है। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में बयानबाजी जारी है। शाजापुर बीजेपी नगर अध्यक्ष आशीष नागर ने बजट को जिले और प्रदेश के विकास के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गांव, किसान, गरीब, युवा और महिलाओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित बजट पेश किया है। बजट मे पुरानी योजनाओं का जिक्र- बीजेपी अध्यक्ष नगर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा सीएम डॉ. मोहन यादव के मक्सी प्रवास के दौरान शाजापुर के लिए जो घोषणाएं की गई थीं, उन्हें इस बजट में शामिल किया गया है। इसमें शाजापुर मेडिकल कॉलेज, पीडब्ल्यूडी से जुड़ी सड़कों सहित अन्य विकास कार्यों की योजनाएं हैं।आशीष नगर ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

बजट में शाजापुर के लिए ठेंगा- कांग्रेस जिला अध्यक्ष कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है और जनता के पैसों से कर्ज की किस्तें चुकाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बजट में शाजापुर को कुछ खास नहीं मिला है। शाजापुर के लिए यह बजट पूरी तरह ठेंगा साबित हुआ है।
लोक निर्माण विभाग ने शाजापुर जिले के कालापीपल इलाके के लिए विकास कार्यों की योजना तैयार की है। इसमें नई सड़कों से लेकर पुलिया निर्माण तक के काम शामिल हैं। सरकारी भवन का निर्माण कालापीपल शहर में आने वाले अधिकारियों और मेहमानों की सुविधा के लिए एक नया शासकीय विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) बनाया जाएगा। सड़कों का सुधार और नई सड़कें इलाके के रास्तों को बेहतर बनाने के लिए तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम होगा: पोलायकलां-रनायल-नयापुरा मार्ग: यह सबसे बड़ा काम है। करीब 30 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चाकरोद-ढायलास-हुसेनपुर मार्ग: 2 किलोमीटर की इस सड़क के लिए 1.88 करोड़ रुपये का बजट है। खड़ी-मोल्टा-केवड़ी मार्ग: इस 2 किलोमीटर लंबे रास्ते को 1.89 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। पुराने पुल और पुलियाओं की मरम्मत इलाके में 12 ऐसी जगहें चुनी गई हैं जहां पुल या पुलिया खराब हालत में हैं। इनमें अकोदिया-सुंदरसी मार्ग की 4 पुलिया, कालापीपल-कुरावर मार्ग की 2 पुलिया और पोलायकलां-रनायल मार्ग की 2 पुलिया समेत अन्य गांवों के टूटे पुलों का नए सिरे से निर्माण होगा। गांवों को जोड़ने वाले नए रास्ते आने-जाने की सुविधा बढ़ाने के लिए कई अन्य सड़कों के प्रस्ताव भी दिए गए हैं। इनमें प्रमुख हैं: मंदिर पहुंच मार्ग: जटा शंकर महादेव मंदिर और लकुमड़ी शनि मंदिर के लिए पक्की सड़कें बनाई जाएंगी। ग्रामीण कनेक्टिविटी: भूरिया-खजुरिया, बोरसाली-झुंडाखेड़ी, पोचानेर-शेरपुरा और हन्नुखेड़ी जैसे गांवों को जोड़ने वाले रास्ते तैयार होंगे। बायपास और नदी पर पुल: मोहन बड़ोदिया में बायपास सड़क बनेगी और सिरोलिया-साजोद मार्ग पर लसुंदर नदी के ऊपर एक नया पुल भी बनाया जाएगा।

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