मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अपने दूसरे बजट (2025-26) में GYAN यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति पर जोर दिया था। इससे आगे बढ़कर 2026-27 का बजट GYANII हो गया है, यानी इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री भी जुड़ गए हैं। इन छह सेक्टर्स पर ही बजट के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा खर्च इन्फ्रास्ट्रक्चर, किसान और महिलाओं पर होगा। प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 का ये बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। सरकार ने पहली बार रोलिंग बजट पेश किया है यानी इसमें 2026-27 के बजट अनुमान के साथ वित्तीय वर्ष 2027-28 और 2028-29 के बजट का भी अनुमान शामिल है। वित्त मंत्री के मुताबिक, इससे योजनाओं पर होने वाले खर्च का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। बजट में 50 हजार सरकारी नौकरियों पर भर्तियों का ऐलान किया गया है। जानिए, इस बजट में किस वर्ग को क्या मिला है… अब जानिए, किस वर्ग के लिए बजट में क्या? गरीब कल्याण (G): 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा युवा शक्ति (Y): 50 हजार पदों पर सरकारी भर्ती
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भाषण में साफ किया कि इस बजट का मूल उद्देश्य राज्य के “हर हाथ को काम” देना और रोजगार के नए अवसरों को सृजित करना है। इस बार बजट में 50 हजार सरकारी पदों पर भर्ती का ऐलान किया गया है। पुलिस विभाग में अगले 3 साल में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती की जाएगी। इस साल 7500 पदों पर भर्ती करने की योजना है। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15,000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों के लिए 4,485 शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। कौशल विकास और औद्योगिक प्रोत्साहन
प्रदेश में औद्योगिक और आईटी पार्क विकसित करने के लिए 19,300 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए कौशल विकास का एक विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों की 19,000 महिलाओं को कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के लिए 28,000 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अन्नदाता (A): किसानों पर खर्च होंगे 1.15 लाख करोड़
सरकार ने इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इसे देखते हुए किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सिंचाई और अधोसंरचना खेती के अलावा आय के अन्य साधन नारी शक्ति (N): 1.27 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान
महिलाओं के लिए इस बजट में 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपए के प्रावधान किए गए हैं। वर्किंग वूमन के लिए उज्जैन, धार, रायसेन, भिंड, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में सखी निवास का निर्माण कराया जा रहा है। लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 882 करोड़ रुपए दिए गए हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के लिए 1800 करोड़ का प्रावधान है तो यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना शुरू की गई है। इसमें 8वीं क्लास तक के 80 लाख बच्चों को ट्रेटा पैक दूध दिया जाएगा। पांच साल में इस योजना पर 6 हजार 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस साल 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इंडस्ट्री (I): 6 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान मध्यप्रदेश में उद्योग, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। जिनका मुख्य उद्देश्य राज्य को औद्योगिक हब बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके पैदा करना है। इसके लिए बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। 1. औद्योगिक अधोसंरचना और पार्क 2. निवेश प्रोत्साहन और नीतियां 3. एमएसएमई (MSME) और स्टार्टअप्स 4. जिला स्तरीय उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण 5. औद्योगिक क्षेत्र के लिए वित्तीय आवंटन इन्फ्रास्ट्रक्चर (I): सिंहस्थ के लिए 3 हजार करोड़ बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इस साल 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने का अनुमान है। 1. सड़क एवं परिवहन 2. शहरी विकास एवं आवास 3. जल एवं ऊर्जा 4. सिंहस्थ-2028 की तैयारी उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए अधोसंरचना, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने 13,851 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें से 3,060 करोड़ का विशेष प्रावधान इसी वित्तीय वर्ष के लिए है। 5. ग्रामीण अधोसंरचना पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापक विकास के लिए कुल 40,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें ‘जी राम जी’ (G RAM G) योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास के लिए 10,428 करोड़ रुपए रखे गए हैं।


