धौलपुर की एक अदालत ने लगभग 10 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। विशिष्ट न्यायालय ने आरोपी को कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश राकेश गोयल ने आरोपी बृजमोहन उर्फ भगत पुत्र बनवारी लाल, निवासी राजाखेड़ा को दोषी ठहराया। उसे 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला लगभग 10 साल पहले राजाखेड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। परिवादी ठेला संचालक सीताराम ने रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी बृजमोहन ने उस पर जानलेवा हमला करते हुए गोली चलाई थी। यह गोली ठेले को छूते हुए वहां खड़े ग्राहक उमेश श्रीवास्तव को लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ मजबूत पैरवी की।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जो पहले से ही आपराधिक गतिविधियों से प्रभावित हैं। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है ताकि समाज में कानून का संदेश स्पष्ट रूप से प्रसारित हो सके।


