बाल संप्रेषण गृह और वृद्धाश्रम में देखी व्यवस्थाएं:विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने किया निरीक्षण, दिए​ दिशा निर्देश

धौलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अध्यक्ष संजीव मागो के मार्गदर्शन में विभिन्न संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रेखा यादव ने राजकीय बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान वहां 11 विधि से संघर्षरत बालक, 1 देखरेख एवं संरक्षण श्रेणी का बालक और 2 शिशु मौजूद पाए गए। सचिव ने आवासीय व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, परामर्श सेवाओं और शिक्षा-कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके मामलों, पढ़ाई व परीक्षा की तैयारी के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने मच्छरों की समस्या बताई, जिस पर अधीक्षक को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। सचिव ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक बच्चे को विधिक सहायता, उचित परामर्श और पुनर्वास योजना का लाभ मिले। शिशु गृह में बच्चों के स्वास्थ्य अभिलेख, टीकाकरण की स्थिति और पोषण आहार की समीक्षा की गई। अधिकारियों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद, सचिव रेखा यादव ने सैंपऊ स्थित बी.आर. गार्डन वृद्धाश्रम और वॉटरवॉक्स चौराहे के पास नारायण हॉस्पिटल स्थित वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया। बी.आर. गार्डन सैंपऊ के वृद्धाश्रम में 7 पुरुष और 6 महिला वृद्धजन मिले। सचिव ने यहां पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण और आगंतुक रजिस्टर की जांच की। उन्होंने भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वृद्धजनों ने बताया कि उन्हें चावल, दाल और चपाती दी जाती है। पेंशन और मेडिकल समस्याओं पर संबंधित प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। वॉटरवॉक्स चौराहे स्थित वृद्धाश्रम में 10 वृद्धजन मौजूद थे। सचिव ने नई बिल्डिंग में कमरों और रसोईघर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
सचिव ने वृद्धजनों को नालसा की वरिष्ठ नागरिकों हेतु विधिक सेवाएं योजना 2016 और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रत्येक वृद्धजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पेंशन और अन्य वैधानिक अधिकारों का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंत में, सभी संस्थाओं में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

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