राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने कोलकाता में दबिश देकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने वाले 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी एमबीबीएस छात्र बनकर रह रहा था और लंबे समय से फरार चल रहा था। तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस कर एसओजी टीम ने उसे पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रिन्स (27) पुत्र ओमवीर, निवासी ग्राम आदमपुर मोचनी, थाना खतौली, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में बारासात राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस फोर्थ ईयर का छात्र है। कैसे हुआ परीक्षा घोटाला एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी भर्ती परीक्षा-2022 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया था। 24 दिसंबर 2022 को सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इसके बाद 29 जनवरी 2023 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसी दौरान कई अभ्यर्थियों ने डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से परीक्षा दिलवाकर चयन हासिल किया। डमी अभ्यर्थी बनकर दी परीक्षा जांच में सामने आया कि आरोपी प्रिन्स ने मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह विश्नोई के स्थान पर 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर विज्ञान विषय की परीक्षा दी थी। इसके बदले दोनों के बीच ढाई लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। परीक्षा पास कराने के लिए आरोपी ने फर्जी पहचान के आधार पर परीक्षा दी और मूल अभ्यर्थी को लाभ पहुंचाया। तकनीकी जांच से खुला मामला एसओजी ने इस मामले में एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर अभ्यर्थियों के फोटो और विवरण का डेटाबेस तैयार किया। संदिग्ध तस्वीरों का मिलान कर कई आरोपियों की पहचान की गई। डीआईजी परिस देशमुख के नेतृत्व में तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल टूल्स और मुखबिर नेटवर्क के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद कोलकाता में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। इनामी घोषित था आरोपी एसओजी द्वारा प्रिन्स की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार रहने के बाद आखिरकार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अब तक 27 आरोपी गिरफ्तार इस भर्ती घोटाले में अब तक 12 मूल अभ्यर्थी, 10 डमी परीक्षार्थी, 5 मध्यस्थ, सहित कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे भी गहन जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।


