शहीद कैप्टन रिपुदमन सिंह गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में कॉमर्स, इकोनॉमिक्स योजना मंच और कॉमर्स संघ के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया। यहां
पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर यह कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका शीर्षक “प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट”था। सरस्वती वंदना से हुई कार्यशाला की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। कार्यशाला में प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या उसके पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव तथा उसके प्रभावी निस्तारण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विनी भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा की प्लास्टिक अपशिष्ट का स्त्रोत पर पृथक्करण, रीसाइकलिंग तथा एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्लास्टिक रीसाइकलिंग से बनी हुई विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन किया जैसे पेन होल्डर, कुर्सी, कपड़े। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी गई तथा प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रह एवं पुनर्चक्रण की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। प्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभाव बताए कार्यक्रम मे वक्ता प्रो. रामलाल बैरवा ने वर्तमान समय में प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग एवं इसके दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्लास्टिक जलाने से मना किया तथा प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े या कागज के बैग उपयोग करने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह द्वारा की गई उन्होंने बताया कि जन सहभागिता के बिना इस अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता साथ ही उन्हें विद्यार्थियों को प्लास्टिक मुक्त वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जुगल किशोर स्वामी द्वारा किया गया। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को प्राचार्य डॉ गोपाल सिंह, आइक्यूएसी समन्वयक डॉ पांचाली शर्मा, ABRSM जिला अध्यक्ष डॉ. मीठालाल मीणा, प्रो. रामलाल बैरवा, मल्लू राम मीणा, योजना मंच संयोजक डॉ. प्रियंका सैनी, वाणिज्य विभाग अध्यक्ष विमलेश सिसोदिया, परीक्षित हाडा, हंसराज गुर्जर द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम मे लगभग 128 प्रतिभागियों ने भाग लिया है। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. प्रियंका सैनी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।


