मोगा जिले में कोर्ट ने 7 साल पुराने कार और नकदी लूट मामले में 4 दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवमोहन गर्ग की कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के आदेशानुसार, जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इसी मामले में तीन अन्य आरोपियों को सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया गया है। 2019 में दर्ज किया गया था मामला बता दे कि यह मामला 19 जून 2019 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता गुरविंदर सिंह निवासी गांव खोसा रणधीर ने थाना सदर पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि हरप्रीत सिंह संधू उर्फ हैप्पी, विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की, गुरप्रीत सिंह उर्फ सेखों उर्फ गोपी और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने अपने साथियों करमजीत सिंह, लवदीप सिंह और प्रताप सिंह की मदद से उनकी स्विफ्ट कार और लाखों रुपये नकद लूट लिए थे। चार को कोर्ट ने सुनाई सजा पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धारा 379बी, 120बी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों के आधार पर हरप्रीत सिंह संधू उर्फ हैप्पी (निवासी ऋषि विहार, अमृतसर), विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की (निवासी सुर सिंह वाला), गुरप्रीत सिंह उर्फ सेखों उर्फ गोपी (निवासी हरी के) और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी(निवासी जगतपुरा) को दोषी ठहराया। वहीं, सबूतों की कमी के चलते करमजीत सिंह, लवदीप सिंह और प्रताप सिंह को अदालत ने बरी करने का आदेश दिया।


