मध्यप्रदेश सरकार के बुधवार को पेश बजट में खरगोन जिले को बेहतर यातायात के लिए 250 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इसमें 15 सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण कार्य शामिल हैं। हालांकि, बजट में जिले के लिए मेडिकल कॉलेज और बटालियन का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में सबसे ज्यादा राशि कांग्रेसी विधायक सचिन यादव के कसरावद विधानसभा क्षेत्र को मिली है, जहां लगभग 140 करोड़ रुपए के विकास कार्य होंगे। जिले में स्वीकृत परियोजनाओं में खरगोन-दामखेड़ा रोड, सनावद-खरगोन रोड पर बेड़िया बाईपास, महेश्वर, नांद्रा, पिपलिया कावड़िया रोड पर पुल, सिप्टान-बिलखेड कुंदा नदी पुल, बमनाला-सेल्दा मेल आश्रम रोड, खरगोन-ठनगांव, नाया उमरिया रोड और खरगोन-मनिहार खेड़ी रोड शामिल हैं। कसरावद क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात कसरावद विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 140 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। इसमें 120 करोड़ रुपए की परियोजनाओं में माकड़खेड़ा-देवला, बोरावा, नागझिरी-घटी रोड के अलावा बालसमुद-पथोरा, रजुर-सिनगुन, दुर्गापुर-फटा भनगांव-बोरावा और सैलानी-मुलठन रोड शामिल हैं। कांग्रेस बोली- बजट से ज्यादा कर्ज है कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाइक ने बजट को लेकर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “निमाड़ के लोगों को कोई खास प्रावधान न मिलने से निराशा हुई है।” नाइक ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पर बजट से ज्यादा कर्ज है। गेहूं के दाम का जिक्र नहीं, किसान नाराज भारतीय किसान संघ की संभागीय युवा इकाई के अध्यक्ष श्याम सिंह पवार ने कहा, “2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदी की मोदी की गारंटी का बजट में कोई जिक्र नहीं हुआ, जिससे किसानों में आक्रोश है।” उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और किसानों के पानी के इंतजार का मुद्दा भी उठाया। सोलर पंप की सब्सिडी अटकी पवार ने सोलर पंप की घोषणाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सोलर से जुड़ी योजनाओं की सब्सिडी अटकी हुई है। जिस सुविधा की बात की जा रही है, वह बिजली विहीन क्षेत्रों में ही सोलर पंप के माध्यम से मिल पाएगी।”


