सलूंबर के आयुष्मान आदर्श ग्राम करावली स्थित राजकीय बालिका स्कूल में आयुष मित्र और आयुष सखी के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर आयुष सेवाओं को मजबूत करना और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना है। शिविर प्रभारी डॉ. अनिल गुर्जर (एम.डी. आयुर्वेद) ने आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के 18 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर आयुष सेवाओं से रोगों की रोकथाम, पोषण, स्वच्छता, औषधीय पौधों का संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा सकता है। डॉ. गुर्जर ने आयुर्वेदिक पौधों के दैनिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि तुलसी, नीम, गिलोय, आंवला और अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधे सामान्य रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य सुधार में सहायक हैं। उन्होंने स्वस्थ दिनचर्या, ऋतुचर्या और संतुलित जीवनशैली अपनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। योग प्रशिक्षक अर्जुन साल्वी ने प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने समझाया कि नियमित योग अभ्यास से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है, साथ ही तनाव, मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे रोगों की रोकथाम में मदद मिलती है। शिविर में छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने आयुष मित्र और आयुष सखी की भूमिका को समझा और ग्राम में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संरक्षण और आयुष आधारित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर ग्राम करावली को आयुष्मान आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


