कोटा के पीपल्दा से कांग्रेस विधायक चेतन पटेल ने विधानसभा में अवैध रूप से जंगल कटाई का मुद्दा उठाया। पटेल ने कहा की पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा जुली फ़्लोरा काट पौधरोपण करने की आड़ में किसानों की खातेदारी जमीन पर बुलडोजर से खड़ी फसले रोदी जा रही है। सेटलमेंट के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने की पूरी तैयारी में है। ईआरसीपी के तहत नवनेरा डेम की भराव क्षमता में जो भी प्लान्टेशन आ रहा है, उसकी आड़ में भी अवैध कटाई की जा रही है।चम्बल ढीपरी, जाखडौद, किशोरपुरा व अन्य कई स्थानो से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अवैध कटाई के ट्रकों को रोककर पुलिस को सुपुर्द किया गया है। जो काम विभाग द्वारा करना चाहिए उसे स्थानीय नागरिको द्वारा किया जा रहा है। इतना ही नहीं ठेकेदारो द्वारा अग्रेंजी बबूल को काटकर ओवरलोड ट्रकों के भरकर ले जाया जा रहा है। इस कारण गांव की संपर्क सड़क तोड दी गई है। सरकार ये सुनिश्चित करे कि इन सड़को को कौन ठीक करवाएगा।पटेल ने कहा ये सिर्फ पीपल्दा विधानसभा ही नही बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहा होगा। संदीप शर्मा ने कोटा में कैंसर यूनिट का काम जल्द शुरू करवाने की मांग उठाई संदीप शर्मा ने कोटा की चिकित्सा आवश्यकताओं की मांग उठाते हुए कहा कि कोटा मेडिकल कॉलेज में 300 चौपहिया एवं 500 दुपहिया वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग मय केफेटेरिया, इंटरवेंशन रेडियोलॉजिकल सुईट, टर्नकी बेसिस पर बाईप्लानर इंटरवेंशन रेडियोलॉजीकल कैथलेब, एमबीएस चिकित्सालय में अलग एमआरआई मशीन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अनन्तपुरा, कोटा का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नयन, नवीन चिकित्सालय एवं सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय में रोगी भार के अनुपात में रेडियोग्राफर संवर्ग के पर्याप्त पद स्वीकृत करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने गत बजट में घोषित मेडिकल कॉलेज कोटा में कैंसर यूनिट का काम जल्द शुरू करवाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय हवाई किले के रूप में निरोगी राजस्थान, चिरंजीवी, आरजीएचएस, राईट टू हेल्थ जैसी योजनाएं चला दी गई। जिनका कोई आधार ही नहीं था। इसके कारण जनता को लाभ मिलना तो दूर चिकित्सक हड़ताल पर चले गए और रोगी दर दर भटकने को विवश हो गए। संदीप शर्मा की टिप्पणी पर हंगामा स्वास्थ्य की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान बीजेपी विधायक संदीप शर्मा की अशोक गहलोत पर नाम लिए बिना की गई टिप्पणी को लेकर सदन में हंगामा हो गया। संदीप शर्मा ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष की तरफ से सीएम को लेकर की गई टिप्पणियों पर पलटवार किया। संदीप शर्मा ने कहा- हमने कभी आपके मुख्यमंत्री पर टीका टिप्पणी की हो तो बताओ। उनकी भाषा, उनको भी समझ में नहीं आती होगी। जिसपर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति करते हुए कहा- वो सदस्य सदन में मौजूद नहीं है। उनके बारे में जो कहा गया है, उसे सदन की कार्यवाही से निकाला जाए। इस मामले को लेकर संदीप शर्मा और जूली के बीच तीखी बहस होने लगी। संसदीय कार्य मंत्री सहित कुछ मंत्री और बीजेपी विधायक भी संदीप शर्मा के समर्थन बोलने लगे। दोनों तरफ से नोकझोंक के बाद हंगामे के हालात बन गए। सभापति ने दोनों पक्षों को शांत करवाया।


