खंडवा में बहुप्रतीक्षित 32 किलोमीटर के रोड़ को इस बार बजट में स्वीकृति नहीं मिली हैं। गड्ढों और धूल में पट चुकी यह सड़क अब जानलेवा हो गई है। यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। दोनों विधायक कई बार मुख्यमंत्री से पत्राचार कर चुके हैं। मुलाकात तक की लेकिन यह प्रयास विफल साबित हुए हैं। बुधवार को एमपी विधानसभा में पेश हुए बजट से खंडवा जिले को कुछ खास नहीं मिला है। इससे जनता और विधायक दोनों निराश हैं। बजट में सिर्फ उन 40 सड़कों को शामिल किया गया हैं। जिनकी दूरी महज 4 से 8 किलोमीटर हैं। बता दें कि, खंडवा-मूंदी रोड़ दो विधानसभा सीटों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के साथ राजधानी भोपाल तक जाने का मुख्य मार्ग हैं। इसके अलावा यह इंदिरा सागर बांध, ओंकारेश्वर बांध, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, संत सिंगाजी थर्मल पॉवर प्लांट, हनुमंतिया टापू, संत सिंगाजी समाधिस्थल को जोड़ता हैं। इस सड़क को पूर्व में विशेष फंड से स्वीकृति मिली थी। लेकिन निरस्त हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी खंडवा प्रवास के दौरान 3 बार घोषणा कर चुके हैं। विधायक बोलीं- मैंने तो बहुत प्रयास किए हैं मूंदी रोड़ को स्वीकृति ना मिलने को लेकर विधायक कंचन तनवे ने कहा कि, मैंने इसे लेकर बहुत प्रयास किए हैं। मंत्री, मुख्यमंत्री से बहुत बार मिली हूं। प्रत्येक मंगलवार को उनके पास भोपाल जाती थी, एक ही मांग रहती थी कि रोड़ स्वीकृत करा दो। वे खुद कई बार सार्वजनिक रूप से भी घोषणा कर चुके हैं। मैं क्या कर सकती हूं, जनता भले ही मुझे भला-बुरा कहें लेकिन मैंने बहुत प्रयास किए हैं। आज भी पीडब्ल्यूडी मंत्री के सामने नाराजगी जताई। अब शायद मुख्यमंत्री के दिमाग में सरस्वती जी बैठ जाएं और उन्हें इस रोड़ का ख्याल आ जाए। इन 40 सड़कों को मिली हैं स्वीकृति


