छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान हुए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। 231 बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल महिमानंद शुक्ला ने 20 फरवरी को नई दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। 11 फरवरी को दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर सुरक्षा बलों पर हमला किया था। इस हमले में महिमानंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले हेलीकॉप्टर से रायपुर और फिर एम्स ले जाया गया था। शहीद का पार्थिव शरीर जब पलामू जिले के लेस्लीगंज के कवलकेडिया गांव पहुंचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। परिजन रो-रोकर बेहाल थे। कई महिलाएं बेसुध हो गईं। ग्रामीणों के चेहरे पर गर्व और दुख का मिला-जुला भाव था। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। गांव भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। तिरंगे में लिपटे शहीद का अमानत नदी घाट पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिला प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अधिकारियों ने कहा कि महिमानंद की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। नक्सलियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। प्रशासन और सुरक्षा बलों ने परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।


