डिंडौरी जिले में ‘बिना हेलमेट, पेट्रोल नहीं’ देने के आदेश को लेकर हुए विवादों के बाद अब प्रशासन ने नियमों में लचीलापन अपनाया है। बुधवार को पेट्रोलियम एसोसिएशन ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात कर पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की। संचालकों का कहना है कि नियम का पालन कराने के चक्कर में कर्मचारी आए दिन विवाद और धमकियों का शिकार हो रहे हैं। कर्मचारी बोले- पेट्रोल नहीं देने पर हो रहे झगड़े पंप संचालक ज्योति प्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर को बताया कि 1 फरवरी से लागू किए गए प्रशासनिक आदेश का वे पूरी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं। लेकिन, जब कर्मचारी बिना हेलमेट वाले बाइक सवारों को पेट्रोल देने से मना करते हैं, तो लोग अभद्रता और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी ऐसी हिंसक खबरें आने के कारण पंप कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। ट्रैफिक बैठक में भी उठा था मुद्दा बता दें कि, इससे पहले 3 फरवरी को ट्रैफिक थाने में आयोजित बैठक में भी ट्रैफिक निरीक्षक और फूड इंस्पेक्टर के सामने पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा गया था। संचालकों का तर्क है कि बिना पुलिस बल के वे आम जनता के गुस्से और हिंसक झड़पों को नियंत्रित नहीं कर सकते। कलेक्टर ने पीक ऑवर्स में सख्ती के निर्देश दिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने नियमों में बदलाव के निर्देश दिए हैं। अब पेट्रोल पंपों पर सुबह 7 बजे (जब बच्चे स्कूल जाते हैं और लोग दफ्तर निकलते हैं) और शाम 6 बजे के बाद बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर पूरी सख्ती बरती जाएगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि दिन के समय बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर फिलहाल ढील दी गई है। यह रहे उपस्थित ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेंद्र कुमार साहू सहित अंकित गौतम, अमित सोनी, राजेश गुप्ता और मुश्ताक खान समेत कईं प्रमुख संचालक मौजूद रहे। संचालकों ने उम्मीद जताई है कि समय में किए गए इस बदलाव और सुरक्षा के आश्वासन से पेट्रोल पंपों पर होने वाले विवादों में कमी आएगी।


