मध्य प्रदेश के धार जिले में चूना पत्थर खदान में सर्वे के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। तहसीलदार और पुलिस की गाड़ी पर जमकर पथराव किया। पत्थरबाजी में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मामला कुक्षी थाना क्षेत्र के खेड़ली गांव का है। पत्थरबाजी के वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें भीड़ तहसीलदार की गाड़ी को पलटने की कोशिश करती दिख रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चूना खदान और सीमेंट फैक्ट्री खुलने से उनकी जमीन बंजर हो जाएगी। विस्थापन का खतरा बढ़ जाएगा। 9 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित चूना फैक्ट्री और खनन को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। प्रशासन की टीम ड्रिलिंग और सर्वे कार्य के लिए गांव पहुंची थी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत 9 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौके पर एकत्र हो गए। विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में तैनात फोर्स की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ।ग्रामीणों ने बीच सड़क पर बैठकर पुलिस के काफिले को रोक दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों और मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासनिक टीम को बिना सर्वे किए वापस लौटना पड़ा। पथराव से जुड़ी तस्वीरें देखिए… ग्रामीणों ने सड़क पर रोक दिया प्रशासनिक काफिला जैसे ही खेतों में ड्रिलिंग मशीन खड़ी की गई, ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर पुलिस और प्रशासनिक काफिले को रोक दिया। धीरे-धीरे स्थिति तनावपूर्ण होती गई। आक्रोशित भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों और मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयम बरतते हुए पीछे हटने का फैसला किया। कई घंटे चली गहमागहमी के बाद पूरी टीम को बिना सर्वे किए वापस लौटना पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। कई महीनों से चल रहा है विरोध ग्रामीणों का कहना है कि खनन के बाद यहां सीमेंट फैक्ट्री स्थापित की जाएगी। सीमेंट फैक्ट्री की वजह से कृषि भूमि प्रभावित होगी। आसपास के लोगों को विस्थापन का खतरा बढ़ेगा। इसी वजह से कुक्षी, बाग और जोबट ब्लॉक के कई गांवों के लोग चूना खदान का विरोध कर रहे हैं। राजस्थान की कंपनी को लीज पर दी गई है जमीन ग्रामीणों के अनुसार, खनिज विभाग ने 11 मार्च 2025 से राजस्थान की श्री सीमेंट कंपनी को कुक्षी क्षेत्र के बामनबयड़ी गांव में 913 हेक्टेयर, ग्राम टकारी, तलावड़ी और घोड़ा में 815 हेक्टेयर भूमि चूना पत्थर खदान के लिए तीन साल की लीज पर दी है। इससे पहले भी कंपनी की ड्रिलिंग का ग्रामीणों ने विरोध किया था। पहले भी हुआ था चक्का जाम प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कुक्षी के विजय स्तंभ चौराहा पर पहले भी चक्का जाम किया था। इसके बाद प्रशासन ने अस्थायी रूप से ड्रिलिंग कार्य स्थगित कर दिया था। उस समय कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने ग्राम मोगरा पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की थी। ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहमति के बिना कोई कार्य नहीं किया जाएगा, लेकिन उनकी सहमति के बिना ही खनन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ेंगे- जयस वहीं जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने कहा कि कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों की बिना सहमति के ड्रिलिंग के लिए टीम को भेजा। पुलिस बल का इस्तेमाल करके ड्रिलिंग की कोशिश क्यों की गई? जल, जंगल और जमीन की यह लड़ाई कानूनी दायरे में रहकर लड़ेंगे और जीतेंगे। …………………………. यह खबर भी पढ़ें… उज्जैन में बजरंग दल के कार्यकर्ता की पिटाई का VIDEO उज्जैन के केशव नगर में हफ्ता मांगने के विवाद को लेकर मंगलवार को दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। आधा दर्जन लोगों ने एक कोचिंग संचालक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर हालत में घायल को इंदौर रेफर किया गया है। घटना का विरोध करने पहुंचे हिंदूवादी संगठन के एक कार्यकर्ता की पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने का आरोप भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…


