चास में काम करने वाले जनप्रतिनिधि की जरूरत है : आदित्य कुमार चास नगर निगम चुनाव में खड़े प्रत्याशियों की परख जरूरी है। बिना जाने लोग बेटी नहीं देते हैं, तो मतदान कैसे दे दें। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो बेरोजगारों के लिए रोजगार का प्रबंध करें। ताकि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़े। आज तक जितने भी जनप्रतिनिधि हुए किसी ने उद्यमी नीति नहीं बनाई और ना ही उद्योग लगाने की दिशा में काम किया गया। आज तक कचरा निस्तारण प्लांट नहीं लगाया गया, जिससे पूरे शहर में कचरा बिखरा रहता है। चास के मुख्य सड़क की सफाई तो होती है, लेकिन मोहल्लों को गंदगी में ही छोड़ दिया गया है। शहर को साफ व स्वच्छ रखने वाले नेता की चास को जरूरत है। मूलभूत समस्या बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा तथा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे। पढ़ा लिखा हो, समस्याओं को समझकर समाधान करने वाला हो : अंबा चास नगर निगम चुनाव में ऐसे जनप्रतिनिधि को अपना वोट देंगे जो क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने वाला हो। वह पढ़ा लिखा हो और लोगों की समस्याओं को समझने वाला हो। ताकि मोहल्लों की मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ समस्याओं का भी समाधान कर सके। खासकर बिजली, पानी, गंदगी और जर्जर सड़क जैसे मूलभूत समस्याओं के समाधान पर विशेष रूप से ध्यान देने वाला चाहिए। ऐसे जनप्रतिनिधि को नहीं चुनेंगे, जो जितने के बाद लोगों का दुख दर्द भी ना समझ सके। लोगों के झगड़े थाना ना जाकर समाज के बीच पंचायती कर सुलझाने वाला चाहिए, ताकि लोगों को आर्थिक नुकसान ना हो। जर्जर नालियों को दुरुस्त कराना होगा। बोकारो | नगर निकाय चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, युवा वोटरों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। युवाओं में जनप्रतिनिधि चुनने के लिए जमकर चर्चा हो रही है। युवा जहां युवा प्रतिनिधि के पक्ष में है, वहीं अनुभव को भी छोड़ना नहीं चाहते हैं। क्योंकि एक अनुभवी प्रतिनिधि ही विकास योजनाओं को धरातल पर उतार सकता है। इसी प्रकार के जोड़-घटाव करते हुए युवा मतदाता पहली बार नगर निकाय में मतदान करेंगे। बता दें कि 10 साल के बाद निकाय चुनाव हो रहा है।


