महिला कमांडो बनीं सिविल डिफेंस की शक्ति

भास्कर न्यूज | बालोद जिले में महिला कमांडो अपनी सेवा भावना और गांधीवादी कार्यशैली के लिए जानी-पहचानी जाती हैं। इनके समर्पित और प्रेरक ढंग से प्रभावित होकर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने इनकी सेवाओं को सिविल डिफेंस में लेने का सुझाव दिया। इसके बाद त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के मार्गदर्शन में बालोद जिले की 900 महिला कमांडो को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यशाला बैडमिंटन हाल, गुंडरदेही में आयोजित की गई। प्रशिक्षण में नागेंद्र सिंह, कमांडेंट दुर्ग की टीम ने विभिन्न आपदा प्रबंधन और बचाव तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें गैस टंकी में आग लग जाने पर बचाव, घायल व्यक्ति को तुरंत सहायता देना, बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों की मदद, पानी में डूबते व्यक्ति को बचाना, दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को स्ट्रेचर में सुरक्षित ले जाना, आग बुझाने की मशीन का प्रयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग शामिल थे। नागेंद्र सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति खुद की रक्षा करना जानता है, वही दूसरों की रक्षा के लिए उपलब्ध रह सकता है। देश को ऐसे प्रशिक्षित नागरिकों की आवश्यकता है। इस अवसर पर पद्म श्री शमशाद बेगम ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिला कमांडो अपने-अपने गांवों में अन्य लोगों को भी प्रशिक्षित करेंगी और प्रशासन की महत्वपूर्ण एवं जीवन उपयोगी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में मददगार बनेंगी। महिला कमांडो ने आग बुझाने की तकनीक सीखी प्रशिक्षण कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर के रूप में घनी राम यादव, मेजर राजू, सैनिक महेश गंधर्व, रमेश कुमार, दिनेश कुमार, शारदा प्रसाद, भूपेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण में महिला कमांडो ने आग बुझाने की तकनीक, पट्टी बांधना, भूकंप या आपदा के दौरान सुरक्षित बाहर निकलना, स्ट्रेचर बनाना आदि कौशल का अभ्यास कराया। मुख्य रूप से प्रशिक्षण में शामिल महिला कमांडो में सरीता कंवर, कौसल्या साहू, भीमेश्वरी शांडिल्य, लता साहू, योगिता साहू, रेवती साहू, लिलेश्वरी साहू, सरस्वती साहू शामिल थी।

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