भास्कर न्यूज | रायगढ़ जिले में बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन के बावजूद स्थानीय नागरिकों को उसका प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़ मंच के सदस्यों ने 600 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग की है। मंच से जुड़े विनय शुक्ला, ऋषभ मिश्रा, सुरेंद्र पटेल, आदर्श श्रीवास, प्रीति केरकेट्टा, ईनाम सिद्दीकी, शेख रजॉल हसन, अभिषेक चौहान, सुनीता माइति, मुजीब अहमद, शिवम कच्छवाहा, नवीन शर्मा, राधा शर्मा, दिनेश टंडन, सौरभ साहू, योगेश चौहान, चिरंजीवी राय, अजय गायकवाड़, संजय देवांगन, अज्ञात मल्होत्रा, अनिल अग्रवाल (चीकू) सहित अन्य नागरिकों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, रायपुर में याचिका क्रमांक 103/2025/2026 के तहत दावा-आपत्ति प्रस्तुत की है। याचिका में कहा गया है कि रायगढ़ जिले में स्थापित बिजली उत्पादन उद्योगों के कारण जल, जंगल और जमीन का व्यापक उपयोग हो रहा है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। भूजल स्तर में गिरावट, प्रदूषण, कोयला परिवहन से बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं तथा श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है। मंच का कहना है कि उद्योगों को न्यूनतम दर पर बिजली और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ऐसे में जिले के निवासियों को प्रतिपूरक रूप से 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए। इसमें 200 यूनिट प्रदूषण के प्रभाव के मद्देनजर, 200 यूनिट प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के संदर्भ में तथा 200 यूनिट राज्य सरकार की वर्तमान योजना के तहत शामिल करने की मांग की गई है।


