बिलासपुर| हरिहर ऑक्सीजोन समिति एवं शोभा टाह फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अनाथ बच्चों को आवश्यक सामग्री भेंट की गई। इस दौरान हरिहर महिला विंग की सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें स्नेह और आत्मीयता का एहसास कराया। मातृछाया सेवा भारती बिलासपुर द्वारा संचालित मातृछाया संस्थान अनाथ एवं परित्यक्त नन्हे शिशुओं का आश्रय स्थल है। यहां छोटे बच्चों की देखभाल, खान-पान, दिनचर्या और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की जाती है। सेवा भावना से संचालित इस संस्थान में शासन की गाइडलाइन के अनुसार देश-विदेश के जरूरतमंद दंपतियों को बच्चों को गोद भी दिया जाता है। समाजसेवी अनिल टाह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए जरूरी सामग्री सौंपी गई। इसी अवसर पर मातृछाया आश्रम के एक मासूम बच्चे को नया परिवार भी मिला। कोलकाता के एक दंपती ने उसे गोद लिया, जिससे उनकी गोद में किलकारी गूंजी। इस चाइल्ड एडॉप्शन कार्यक्रम के साक्षी हरिहर ऑक्सीजोन परिवार के सदस्य बने। अनिल टाह ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची माधव सेवा है। जरूरतमंदों की सहायता करना जीवन का सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। उन्होंने अपील की कि जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ जैसे विशेष अवसर अनाथ बच्चों के साथ मनाने की परंपरा शुरू की जानी चाहिए।


