एडीजे कोर्ट द्वितीय ने करीब सात साल पहले ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र जड़िया की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के बहुचर्चित मामले में दोषी तीन आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। परिवादी के एडवोकेट जितेंद्र कुमार सहारण ने बताया कि एडीजे द्वितीय मुनेश चंद यादव ने 9 मई 2019 को ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र जड़िया उर्फ ढिल्लू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी पवन उर्फ तोतला, मंजीत उर्फ नवीन व दिनेश डागर को भादंसं की धारा 302 में दोष सिद्धी कर आजीवन कठोर कारावास व प्रत्येक को एक-एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि उक्त मामले में 13 आरोपियों को बरी किया गया है। मामले में अभियोजन की ओर से एपीपी तेजपाल पूनिया व परिवादी की ओर से एडवोकेट जितेंद्र कुमार सहारण द्वारा पैरवी की गई। आरोपियों की वीसी के जरिए पेशी हुई। 9 मई 2019 को जड़िया ट्रांसपोर्ट कार्यालय के बाहर बैठे ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र जड़िया की तीन शूटरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना को लेकर हवा सिंह जड़िया ने राजगढ़ थाना में मामला दर्ज करवाया था कि उसका बेटा सुरेंद्र उर्फ ढिल्लू, नवीन पूनिया, भाल सिंह व राहुल जड़िया उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी के आगे बैठे थे। उसी दौरान तीन लड़के हाथों में पिस्तौल लिए हुए अचानक आए और उसके बेटे के सिर, हाथ, पैर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गोलियां मारकर हत्या कर दी। बाद में तीनों बाइक पर सवार होकर भाग गए। रिपोर्ट में यह भी लिखा गया था कि उसके बेटे के साथ सतवीर, सुरेंद्र, मुख्त्यार पूनिया, संजय, अंकित पूनिया निवासी राघा छोटी की पूर्व में रंजिश चल रही थी। आरोपियों ने षड़यंत्र रचकर खुद व आपराधिक व्यक्तियों को सुपारी देकर उसके बेटे की हत्या कर दी।


