भास्कर न्यूज| महासमुंद गर्मी के मौसम की आहट के साथ ही ग्रामीण इलाकों में पेयजल की किल्लत ने विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत कनेकेरा के वार्ड -9 और 10 में पानी की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि महीनों से प्यासे ग्रामीणों का सब्र सोमवार को आखिरकार टूट गया। पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने से आक्रोशित दर्जनों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से अपनी गुहार लगाई। वार्डवासी नंदकुमार ध्रुव ने प्रशासन पर संवेदनहीनता का गंभीर आरोप लगाया है। वार्डवासियों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। अब तक 4 बार लिखित आवेदन दिया जा चुका है। पंचायत स्तर पर आश्वासन तो मिले, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। पुराने जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। दामनी साहू ने बताया कि मोहल्ले के बोरवेल और कुएं जवाब दे गए हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि घर की महिलाओं को चिलचिलाती धूप में दूर पैदल चलकर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।


