आवासीय जमीन का व्यावसायिक उपयोग 15 दिन में बंद करें, वरना आवंटन रद्द होगा

अब राहत के लिए अब ट्रिब्यूनल का ही सहारा, मौका दिया, लेकिन सिर्फ 13 आवेदन ही आए
राजधानी के हरमू, अरगोड़ा व बरियातू हाउसिंग कॉलोनी के 460 लोगों को झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। बोर्ड ने इन्हें नोटिस भेजकर कहा है कि वे तय अवधि में आवासीय जमीन का व्यावसायिक उपयोग बंद करें। वरना उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही प्लॉट का आवंटन भी रद्द कर दिया जाएगा। क्योंकि आवासीय जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल पूरी तरह से गलत है। आवास बोर्ड ने इन कॉलोनियों में घर बनाने के लिए प्लॉटिंग कर जमीन का आवंटन किया था। नियम के तहत आवासीय जमीन पर व्यवसाय करने के लिए बोर्ड से अनुमति लेना जरूरी है। लेकिन कई लोगों ने जमीन की प्रकृति ही बदल दी। आवासीय प्लॉट पर होटल-रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, प्ले स्कूल, दुकान और गोदाम आदि खोल लिया। बोर्ड ने इन्हें व्यवसाय करने की मंजूरी के लिए मौका भी दिया। लेकिन लोग सामने नहीं आए। इसके बाद अब बोर्ड ने यह सख्त फैसला लिया है। आवंटियों को मौका दिया, अब कार्रवाई होगी, घर बनाने के लिए ली जमीन, खोल दिया होटल-दुकान हरमू हाउसिंग कॉलोनी में ऐसे 15 प्लॉट चिह्नित किए गए हैं, जो आवासीय प्रकृति के हैं, लेकिन वहां होटल-रेस्टोरेंट बन गए हैं। 225 से अधिक प्लॉट पर दुकान-गोदाम व शोरूम चल रहे हैं। करीब 220 प्लॉट ऐसे हैं, जिस पर स्कूल-कोचिंग संस्थान, निजी कंपनियों के कार्यालय आदि चल रहे हैं। आवंटियों ने जमीन की प्रकृति तो बदल दी, लेकिन इसकी सूचना बोर्ड को नहीं दी। जमीन मालिक निर्धारित समय में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन बंद नहीं करते तो आवास बोर्ड कानूनी कार्रवाई करेगा। जबरन मकान खाली कराया जाएगा। ऐसे में आवंटियों के पास आवास बोर्ड के ट्रिब्यूनल में जाने का मौका है। इसके अलावा वे हाईकोर्ट में भी अपील कर सकते हैं। बोर्ड ने पिछली बैठक में भी ऐसे प्लॉट का आवंटन रद्द करने का फैसला लिया था। लेकिन बोर्ड के चेयरमैन संजय पासवान ने आवंटियों को एक मौका देने का निर्देश दिया। ताकि जो आवासीय जमीन का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं, वे जुर्माना देकर ऐसे भवनों को नियमित करा सकें। फिर इन्हें दो बार नोटिस भेजकर आवेदन मांगा, लेकिन सिर्फ 13 आवेदन ही आए। इसके बाद बोर्ड ने अब यह सख्त फैसला लिया है।

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