दो गांवों में बाघ की दहशत, तालाब किनारे पगमार्क

सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर अचानकमार टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे ग्राम करखा और इसके मोहल्ले बैगापारा में इन दिनों बाघ की मौजूदगी को लेकर भारी दहशत है। मखुरहा तालाब के पास बाघिन और शावकों के पगमार्क नजर आने बाद से ग्रामीणों ने उस ओर जाना बंद कर दिया है। ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्हें घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। पिछले सप्ताह गांव के तीन युवकों ने मखुरहा तालाब पर एक बाघिन और उसके शावकों को पानी पीते देखने का दावा किया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर गीली मिट्टी में पगमार्क देखे। हालांकि, सोमवार को मिले नए पदचिह्न पहले वाले निशानों से पूरी तरह अलग थे। इसी बीच, क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरे में एक बाघ की तस्वीर भी कैद हुई है। ग्राम नेवसा निवासी रामेश्वर ने बताया कि हमने खुद तो बाघ नहीं देखा, पर रात में दहाड़ साफ सुनाई देती है। डर के कारण कोई भी तालाब की दिशा में नहीं जा रहा है। दहशत को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने करखा और आसपास के क्षेत्रों में दो वॉच कैंप स्थापित किए हैं। यहां टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स और फायर वाचरों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। तैनात दल लगातार निगरानी कर रहा है। विभाग के अनुसार, फिलहाल एक बाघ के पहाड़ी की ओर जाने की सूचना है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

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