भास्कर न्यूज | राजनांदगांव अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के डायग्नोस्टिक निवासी 30 वर्षीय लोकेश साहू को 15 फरवरी को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, उसके पेट में दर्द था और लगातार उल्टी हो रही थी। उसकी बहन मुक्ता साहू ने बताया कि उसका किसी तरह का उपचार यहां नहीं किया गया। जबकि सोनोग्राफी करवाने के लिए डॉक्टर बोले थे, किंतु रात 11 बजे से अगले दिन 2 बजे तक एंबुलेंस की व्यवस्था हॉस्पिटल नहीं कर पाया। दूसरे दिन दोपहर 2 बजे डायग्नोस्टिक की एंबुलेंस आई। सोनोग्राफी के तुरंत बाद लोकेश हॉस्पिटल पहुंचा और 3: 45 के आसपास उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधन और डाक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की मृत्यु बताया। डाक्टरों का कहना है कि मरीज लंबे समय से बीमार था उसे लीवर और पैंक्रियाज में दिक्कत थी, उसका ब्लड प्रेशर लगातार फ्लैचवेट हो रहा था। कांग्रेस नेता निखिल द्विवेदी परिजनों के बुलावे में हॉस्पिटल पहुंचे जहां उनके समर्थकों और परिजन ने जमकर हंगामा मचाया। कहा कि जब मरीज लीवर और पैंक्रियाज गंभीर बीमारी थी तो ये हॉस्पिटल जहां इस बीमारी के विशेषज्ञ नहीं है तो 16-18 घंटे मरीज को क्यों रखा गया। जबकि उसे किसी बड़े हॉस्पिटल रेफर कर देना था। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंची थी जिससे परिजनों ने लिखित शिकायत की है।


