द्रव्यवती में अतिक्रमण व प्रदूषण मामले में जेडीए ने हाईकोर्ट में जवाब पेश कर कहा है कि नदी में पॉल्यूशन अक्सर जेडीए के एसटीपी की खराबी से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से भी है। इसमें मुख्य रूप से जयपुर नगर निगम की सीवरेज लाइनें व इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाला केमिकल भी कारण है। निगम सुशीलपुरा अजमेर रोड पुलिया पर सीवरेज लाइन जो देहलावास एसटीपी के लिए हैं, वहां से सरप्लस फ्लो सीधा द्रव्यवती में छोड़ रहा है। इसके अलावा मानसरोवर, करतारपुरा नाला, आतिश मार्केट, गूलर डेम, बंबाला पुलिया और राणा सांगा मार्ग के कई नालों से भी अनट्रीटेड सीवर निगम नदी में छोड़ रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया खासकर विश्वकर्मा, सुदर्शनपुरा, सीतापुरा और सांगानेर से केमिकल वाला कचरा सीधे द्रव्यवती में छोड़ा जा रहा है। जेडीए, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साथ मिलकर गैर कानूनी यूनिट्स पर कार्रवाई भी कर रहा है। जेडीए के अधिवक्ता अमित कुड़ी ने यह जवाब न्याय मित्र शोभित तिवाड़ी, पुष्पेन्द्र सिंह तंवर व रोहित तिवाड़ी की निरीक्षण रिपोर्ट पर दिया। अदालत ने मामले की आगामी सुनवाई 19 मार्च को तय की है। कानूनी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, यह वेरिफाई करने के लिए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड हर माह सैंपलिंग करता है और कई पैरामीटर पर रोजाना इन-हाउस लैब टेस्टिंग की जाती है। इसका रिकॉर्ड भी रखा जाता है। बता दें कि पीएन मेंदोला ने द्रव्यवती में अतिक्रमण व अवैध निर्माण को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी थी। इसमें कहा था कि इस नदी को प्रदूषित कर दिया है और इससे वास्तविक स्वरूप नष्ट हो रहा है। इसलिए इसे मूल स्वरूप में लाया जाए। न्यायमित्र की रिपोर्ट; 12 जगह गंदा पानी छोड़ रहे, अवैध पंपिंग से खेती कर रहे


