भास्कर न्यूज | अमृतसर अनुशासन में कोताही बर्दाश्त न करने के संकेत देते हुए डीसी ने बुधवार सुबह अचानक तहसीलों में दबिश दी। औचक चेकिंग से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। जो कर्मचारी अपनी सीटों पर नहीं थे, वह दौड़े-दौड़े पहुंचे। चेकिंग के दौरान तीनों तहसीलों के साथ-साथ तहसीलदार-1 और तहसीलदार-2 दफ्तर में भी चेकिंग की गई। इस दौरान तीनों सब रजिस्ट्रार अपनी-अपनी सीट पर मिले। तहसीलदार-2 भी अपने स्टाफ सहित कार्यालय में मौजूद पाए गए लेकिन तहसीलदार-1 विश्वजीत सिंह और उनके रीडर बलजीत सिंह दोनों ही गैर हाजिर मिले। डिप्टी कमिश्नर ने उनकी गैर मौजूदगी के बारे पूछा तो कोई स्पष्ट जवाब तो नहीं दे पाया। तहसीलदार विश्वजीत सिंह ने खुद डीसी को फोन कर कैंप में शामिल होने का हवाला दिया। इसके बाद डीसी ने तहसील के अन्य शाखाओं का भी निरीक्षण किया और कामकाज की प्रगति, दस्तावेजीकरण व आम जनता की शिकायतों के निपटारे की स्थिति पर जानकारी ली। डीसी चेकिंग के दौरान दफ्तरों में बैठने वाले निजी कारिंदे तुरंत गायब हो गए जो बाद दोपहर तक अपने-अपने अधिकारियों के दफ्तरों में नहीं पहुंचे। जो कर्मचारी अपने अधिकारियों की वसूली करते हुए अलग-अलग नुक्कड़ों में बैठे दिखाई देते थे, वह बुधवार को डिप्टी कमिश्नर की इंस्पेक्शन के बाद गायब ही रहे। हालांकि इस इंस्पेक्शन की दहशत देर शाम तक सभी दफ्तरों में रही।


