खान महकमे ने खनिज परिवहन की निगरानी के नाम पर वे-ब्रिज संचालकों और वाहनों के लिए नया सिस्टम लगाने का फरमान जारी किया है जिससे उन पर करीब 300 करोड़ रुपए की मार पड़ेगी। यह सिस्टम खान महकमे के बताए वेंडर्स से ही लगाना होगा, तभी वे रजिस्टर्ड किए जाएंगे। प्रदेश में सभी वे-ब्रिज संचालकों को खनिज परिवहन की सटीक जानकारी के लिए नया सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) लगाना होगा। इनके अलावा रोजाना राजस्थान सहित, यूपी, गुजरात, एमपी, हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों के हजारों वाहन खनिज ढोते हैं जिन्हें आवश्यक रूप से एआईएस 140 मानक का व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) जीपीएस लगाना जरूरी कर दिया गया है। दोनों ही सिस्टम खान महकमे के बताए वेंडर्स से ही लगाने होंगे जिन पर करीब 5 लाख रुपए से ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। प्रदेश में 6503 वे-ब्रिज हैं। नया सिस्टम लगाने से इन पर 300 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने होंगे। इसके अलावा खनिज ढोने वाले प्रत्येक वाहन को वीएलटीडी जीपीएस लगाने में भी करीब 10 हजार रुपए का खर्चा करना पड़ेगा। उसे हर साल 2000 से 3000 रुपए खर्च कर रिचार्ज भी कराना होगा। खान महकमे ने 8 से 10 वेंडर्स की सूची जारी की है। इन्हीं से नया सिस्टम लगाना अनिवार्य किया है। फरमान जारी कर कहा गया है कि फरवरी माह में ही नया सिस्टम लगा लिया जाए, क्योंकि खनिज परिवहन के लिए उन्हीं वाहनों का खान विभाग में पंजीकरण किया जाएगा। यहां खास बात यह है कि वर्ष, 17 से ही वे-ब्रिज खान विभाग के सर्वर पर ऑनलाइन हैं। सभी वे-ब्रिज पर नाइट विजन कैमरे, कम्प्यूटर लगे हैं और सॉफ्टवेयर अपडेट हैं। इससे सभी खनिज ढोने वाले वाहनों की फोटो और पूरा डेटा विभाग के पास मौजूद रहता है। दूसरी ओर, केन्द्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने तीन अगस्त, 22 को अधिसूचना जारी कर सभी एन-2 व एन-3 श्रेणी के भारी वाहनों में एक सितंबर, 22 से एआईएस 140 मानक का वीएलटीडी जीपीएस अनिवार्य कर दिया था। ऐसे में नए सिस्टम लगाने और वे-ब्रिज और खनिज ढोने वाले वाहनों पर 300 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कराने पर सवाल खड़ा हो गया है। पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए विभाग को अलग मैनपावर और बजट भी नहीं दिया गया है। इसके बावजूद खान सचिव टी. रविकांत की ओर से एसएमई स्तर के अधिकारियों की वीसी में सख्त लहजे में वे-ब्रिज और वाहनों पर नया सिस्टम लगाने के लिए कहा गया है। उसकी अनुपालना में खान अधिकारियों की ओर से यह सिस्टम नहीं लगाने पर वे-ब्रिज बंद करने की चेतावनी दी गई है।


