राजधानी में लगातार दूसरे दिन धमकी भरे ई-मेल आए। मंगलवार को जयपुर हाईकोर्ट को तो बुधवार को तीन बड़े शिक्षण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। रामनगरिया स्थित एसकेआईटी, शिवदासपुरा स्थित पूर्णिमा कॉलेज और आमेर स्थित आर्या कॉलेज को सुबह 6:16 बजे ई-मेल भेजा गया। इसमें 11:45 बजे बम फटने की बात लिखी गई। ई-मेल देखते ही कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। सर्च के दौरान तीनों कैम्पस में हजारों स्टूडेंट्स मौजूद थे। अचानक बम की सूचना मिली तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस, एटीएस व बम स्क्वायड की टीमों ने तीनों जगह कैंपस खाली करवाया और सर्च की। सर्च में कुछ भी संदिग्ध चीज नही मिली। तब जाकर राहत की सांस लीं। इस दौरान हजारों स्टूडेंट्स मौजूद थे। सर्च के बाद पुलिस व अन्य एजेंसियों ने ई-मेल की जांच शुरू कर दी। एक ही पैटर्न; देर रात आता है ईमेल- हमारी मांग मनवाने के लिए हम मजबूर हैं… पिछले दो वर्षों में जयपुर पुलिस को शहर के अलग-अलग संवेदनशील स्थानों को उड़ाने की लगभग 68 धमकी भरी सूचनाएं मिली हैं। अधिकांश धमकी का एक ही पैटर्न है। देर रात से अलसुबह के बीच ई-मेल आता है- हमारी मांग मनवाने के लिए हम मजबूर हैं। भुगतता पूरा शहर है। पुलिस प्रशासनिक पूरे तामझाम के साथ जांच को पहुंचता है। कम से कम दो घंटे इसमें लगते हैं। जिसका खर्च करीब 5 लाख होता है। यानी अब तक हमारे 136 घंटे खराब हो चुके हैं और करीब 7 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। स्कूलों को सर्वाधिक 29 धमकियां
सबसे ज्यादा निशाने पर संवेदनशील व भीड़भाड़ वाले संस्थान रहे। सवाई मानसिंह स्टेडियम को 7 बार बम से उड़ाने की सूचना मिली। हाईकोर्ट व जयपुर पीठ को 8 बार धमकी दी गई। सबसे ज्यादा 29 स्कूलों, 5 होटल, 4 बार एयरपोर्ट और 10 धमकी मेट्रो स्टेशन को मिली। आरडीएक्स, आईईडी और सी-4 जैसे शब्दों का इस्तेमाल अधिकतर मेल देर रात या अलसुबह भेजे गए, ताकि कार्यालय खुलते ही दहशत फैले और तत्काल प्रशासनिक प्रतिक्रिया देनी पड़े। मेल में प्रायः “RDX”, “IED”, “C-4” जैसे शब्दों का उपयोग किया गया। उपलब्ध मामलों के विश्लेषण में “RDX” शब्द का उपयोग कम से कम चार प्रमुख शिकायतों में स्पष्ट रूप से किया गया है, जबकि अन्य मेल में भी विस्फोटक सामग्री का उल्लेख किया गया। 8 दिसंबर 2025, 6 फरवरी 2026 और 31 अक्टूबर 2025 को उच्च न्यायालय को भेजे गए मेल में आरडीएक्स आईईडी लगाने का दावा किया गया। 5 दिसंबर 2025 को 7 शक्तिशाली बम रखने की बात कही गई। 11 फरवरी 2026 को एक स्कूल की दूसरी मंजिल पर आईईडी लगाने की सूचना दी गई, जिस पर परिवादी द्वारा थाना उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दी गई। ये पहुंचते हैं जांच को; धमकी सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तत्काल अलर्ट मोड पर आ जाते हैं। संबंधित थाना पुलिस क्षेत्र को सील करती है। परिसर खाली कराया जाता है और सर्च शुरू होता है। साइबर सेल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, खुफिया शाखा और स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो जाते हैं। एयरपोर्ट या स्टेडियम जैसे स्थानों पर सीआईएसएफ और केंद्रीय एजेंसियां भी सतर्क हो जाती हैं। इस दौरान न्यायिक कार्यवाही, स्कूल की कक्षाएं या सार्वजनिक गतिविधियां रोक दी जाती हैं


