विदाई ले रही सर्दी एक बार फिर मावठ के साथ लौट आई। राजधानी में पश्चिमी विक्षोभ का असर मंगलवार रात से दिखने लगा था। बुधवार अलसुबह से ही तेज मेघगर्जन के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो दिनभर रुक-रुककर चलता रहा।
सुबह से शाम तक अलग-अलग इलाकों में कहीं कम तो कहीं तेज बारिश होती रही। प्रतापनगर, सांगानेर इलाकों में चने के आकार के ओले भी गिरे। इसके चलते बीते दिनों 30 डिग्री तक पहुंच पारा 7.1 डिग्री लुढ़ककर 22 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। राजधानी में बीते 24 घंटे में सांगानेर मौसम केन्द्र पर 9.2 डिग्री बारिश रिकॉर्ड हुई, जो पिछले 10 साल में फरवरी की दूसरी सर्वाधिक मावठ है। इससे पहले 5 फरवरी 2024 को 22.4 मिमी बारिश हुई थी। राजधानी में सुबह से शाम तक करीब किस्तों में मावठ का दौर चला। सुबह 6 से 9 बजे, दोपहर 12 से 3 और फिर शाम को 4 से 6 बजे तक बारिश हुई। पहले बूंदों फिर सूर्य किरणों ने किया हनुमानजी का चरणवंदन… बुधवार शाम को बारिश के बाद काले बादलों का सीना चीरकर सूर्य की किरणों ने बजरंगबली का चरणवंदन किया। दिनभर प्रकृति स्वयं ‘रामदूत’ का अभिषेक करती रही। आदर्श नगर स्थित राम मंदिर परिसर इस अलौकिक आभा से जगमगा उठा। माह के अंत तक रात का पारा 20 डिग्री से ऊपर पहुंचेगा
जयपुर मौसम केन्द्र निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार ओले-बारिश का दौर बुधवार तक ही है। गुरुवार को आशिक बादल रहेंगे। मावठ की संभावना कम है। दो से तीन दिन रहेगा ठंड का अहसास


