जेजेएम घोटाला }979 करोड़ के घोटाले के आरोपी 3 दिन के रिमांड पर
979 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी की टीमों ने पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल समेत चार आरोपियों की तलाश में दूसरे दिन भी दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों में छापेमारी की। फिलहाल, सभी के मोबाइल बंद हैं और किसी का भी सुराग नहीं लगा है। इधर, एसीबी ने सुबोध अग्रवाल के खिलाफ ‘लुकआउट’ नोटिस जारी कर दिया है। एसआईटी को आशंका है कि अग्रवाल विदेश भाग सकते हैं। इधर, गिरफ्तार किए गए आरोपियों को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसीबी को जानकारी मिली है कि सुबोध अग्रवाल कई दिन पहले ही घर छोड़ चुके थे और दिल्ली में स्थान बदल कर रह रहे थे। वे खाना खाने के लिए घर आते थे। टीम ने मुख्य अभियंता (प्रशासन) दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (ग्रामीण) के.डी. गुप्ता, तत्कालीन सचिव RWSSMC (एसीई) जयपुर द्वितीय शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार (अक्षय ऊर्जा) सुशील शर्मा, सीई (चूरू) निरिल, निलंबित एसई विशाल सक्सेना, रिटायर्ड सीई अरुण श्रीवास्तव, डी.के. गौड़, रिटायर्ड एसई महेंद्र सोनी और झारखंड से मुकेश पाठक को गिरफ्तार किया था। बाड़मेर से पकड़ा गया विशाल सक्सेना फरार होने के लिए जयपुर से बाड़मेर पहुंच गया था। बाड़मेर से वह किसी परिचित के साथ भागने वाला था, लेकिन एसीबी ने स्टेशन से ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर कमीशन की तस्दीक डीआईजी (एसीबी) डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि एसआईटी घोटाले से जुड़े दस्तावेज, टेंडर में गड़बड़ी और कमीशन को लेकर आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि काफी कुछ अहम जानकारी मिली है। इस आधार पर आगे की जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि जेजेएम घोटाले की जांच कर रही एसीबी की एसआईटी ने मंगलवार सुबह विभिन्न राज्यों में 15 जगह छापेमारी कर तीन चीफ इंजीनियर सहित 10 आरोपियों को पकड़ा था। हालांकि, कार्रवाई के दौरान रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित चार आरोपी नहीं मिले थे।


