देवबलौदा महाशिवरात्रि मेला विवाद…बजरंगदल कार्यकर्ताओं पर FIR:मुस्लिम व्यापारियों और समाज ने कलेक्टर से की थी शिकायत, धर्म पूछकर बंद करवाई थी दुकानें

दुर्ग जिले के देवबलौदा-चरोदा में महाशिवरात्रि मेले के दौरान मुस्लिम व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार, जातिगत-धार्मिक टिप्पणी, व्यापार करने से रोकने और उनसे आधार कार्ड मांगने जैसे गंभीर मामले सामने आए थे। अब मोहम्मद इस्माइल की शिकायत पर पुरानी भिलाई पुलिस ने बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दरअसल, देवबलौदा चरोदा में महाशिवरात्रि पर दो दिन का मेला लगाया गया था। 16 फरवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम व्यापारी पर अपनी पहचान छिपाकर व्यापार करने का आरोप लगाया। मेले में सभी मुस्लिम दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए धर्म के नाम पर उन्हें अपमानित और अर्नगल टिप्पणियां की थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इस पूरे विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इन सभी वीडियो में आसानी से देखा जा सकता है कि, कैसे मेले में बजरंग दल के कार्यकर्ता मुस्लिमों को धर्म के नाम पर उन्हें गाली देकर दुकान बंद करवा रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिस भी इन्हें रोकने की बजाय सब कुछ देखती रही। मंदिर के पास दुकान लगाने से मना किया शिकायत में इस्माइल ने बताया कि, आरोपियों ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं के स्थल पर दुकान क्यों लगाते हो, मस्जिद में जाकर दुकान लगाओ। व्यापारियों को मंदिर परिसर में न आने और सामान समेटकर वहां से चले जाने की बात कही गई। गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। जिससे वो और बाकी व्यापारी भयभीत हो गए। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। देर शाम दर्ज हुई FIR पुरानी भिलाई पुलिस ने इस घटना के 2 दिन बाद 18 फरवरी की देर शाम अपराध क्रमांक 100/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3) और 3(5) में मामला दर्ज किया है। सभी समाज ने मिलकर संयुक्त रूप से सीएम-राज्यपाल के नाम सौंपा था ज्ञापन वहीं, बुधवार को दुर्ग जिले के सभी समाज के लोगों ने एक साथ बजरंग दल के इस कृत्य का विरोध किया। इसमें भिलाई नगर जामा मस्जिद ट्रस्ट, भीम आर्मी, भिलाई मुस्लिम समाज समेत अन्य संगठनों ने संयुक्त रूप से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि छत्तीसगढ़ में लगातार धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे तत्काल रोका जाए और ऐसे लोगों और संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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