पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बीजेपी की प्रदेश सरकार को घेरते हुए बोले- डॉ. किरोड़ी लाल मीणा बीजेपी का झंडा लेकर घूमते रहे। अब उनका पार्टी सम्मान नहीं कर रही। उनका फोन टेप कराते हैं। ये बीजेपी के नेताओं की कार्यशैली को दर्शाती है। आज मूल बीजेपी के नेता सब दुखी हैं। अब लूट-खसोट का राज है। मूल भावना को बीजेपी भूल चुकी है। सत्ता का मोह हो चुका है। प्रदेश में बीजेपी सरकार में लॉ एंड ऑर्डर को बिहार से भी खराब बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को अलवर में खुद के आवास फूल बाग पर मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार के लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल खड़े किए। प्रदेश सरकार के आम बजट को किस तरह देखते हैं? अलवर टूरिज्म के रूप में बढ़ रहा है। इसके लिए सरकार कुछ नहीं कर रही। आरआरटीएस ट्रेन की योजना का अता पता नहीं है। जिसे पूर्व की मनमोहन सरकार ने मंजूर किया था। हमारे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रोका हुआ है। केवल चिड़ियाघर खोलने और छोटी-मोटी घोषणाओं से विकास कैसे होगा। कुछ बड़े फैसले करने होंगे। सिलीसेढ़ से अलवर में पानी लाने की योजना आगे बढ़ी है? सिलीसेढ़ से पानी लाने की योजना पिछली कांग्रेस सरकार ने बनाई थी। उसका सीजनल फायदा होगा। जब गर्मियों में सिलीसेढ़ में ही पानी नहीं रहेगा तो कहां से आएगा। व्यापक प्लान करना होगा। ईआरसीपी योजना को लाना होगा। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को लेकर आपका क्या मानना है? विपक्ष में रहते हुए किरोड़ी लाल मीणा बीजेपी का झंडा लेकर घूमते रहे। अब सरकार में आने के बाद बीजेपी के नेता ही उस नेता का सम्मान नहीं करते हैं। उनका फोन टैप करते हैं। उनके खिलाफ कार्यवाही करते हैं। यह लूट खसोट का राज है। मूल भावना को बीजेपी भूल चुकी है। बीजेपी के नेता मन चाहे जो बोलते हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं बनी। बीजेपी का राज आ गया। कांग्रेस को एक सीट नहीं मिली? दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में घोटाले हुए। जनता ने जिस विश्वास से जिताया। उनके साथ विश्वासघात हुआ है। इसलिए आम आदमी की पार्टी की सरकार नहीं बनी है। कांग्रेस आगे मजबूती से वापस आएगी। यही सही है कि कांग्रेस को उम्मीद के अनुसार परिणाम नहीं मिला। अब समीक्षा कर वापसी करेंगे। प्रदेश सरकार के एक साल के कार्यकाल को कैसे देखते हैं? सरकार ने कोई ऐसा कदम नहीं उठाया। पुलिस के पद रिक्त हैं। गाड़ी के टायर हैं तो पेट्रोल नहीं है। पुलिसिंग नहीं हो पा रही है। एक साल में ही लॉ एंड ऑर्डर दो गुना हो गया। अब बिहार से भी नीचे राजस्थान आ गया। कांग्रेस राजस्थान में कैसे वापसी करेगी। संगठन सक्रिय कम लगता है? इसका जवाब प्रभारी महोदय दे सकेंगे। कांग्रेस पार्टी विधानसभा के अंदर व बाहर मजबूती से बात रखने में लगी है। कांग्रेस जनता के लिए रोड पर आने काे नहीं डरती है। आमजन के मुद्दे कांग्रेस पार्टी उठाती है।


