स्ट्रीट फूड्स विक्रेताओं को लाइसेंस बनवाना जरूरी:वरना होगी कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त, 23 फरवरी से सभी ब्लॉक में  ‘बेसिक फॉस्टेक’ प्रशिक्षण

बस्तर जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। अब स्ट्रीट फूड्स विक्रेताओं को पंजीयन करवा कर लाइसेंस बनवाना अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। 23 फरवरी से सभी विकासखंडों में मध्यान्ह भोजन योजना के रसोइयों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए ‘बेसिक फॉस्टेक’ प्रशिक्षण, खाद्य पंजीयन और लाइसेंस शिविर आयोजित किए जाएंगे। बिना वैध पंजीयन संचालन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई और भारी जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उप संचालक ने बताया कि, इस अभियान का उद्देश्य जिले में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा के मानक, साफ-सफाई, भंडारण, तैयारी और परोसने के नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही मौके पर ही लाइसेंस और पंजीयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। 23 फरवरी से होगी शुरुआत अभियान की शुरुआत 23 फरवरी को जगदलपुर विकासखंड से होगी। यहां स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल और बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। विशेष रूप से जगदलपुर के सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए 23 फरवरी को बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स में प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इन तारीखों पर यहां होंगे प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यशाला सुबह 10 से 12 बजे तक और दोपहर 2 से 5 बजे तक लाइसेंस एवं पंजीयन शिविर लगाया जाएगा।

सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए लाइसेंस जरूरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 31 के तहत जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों जिनमें किराना दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैंटीन, चाय ठेला और रेडी टू ईट निर्माण इकाइयों के लिए लाइसेंस या पंजीयन अनिवार्य है। बिना वैध पंजीयन संचालन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये दस्तावेज लाना अनिवार्य लाइसेंस-पंजीयन के लिए आवेदकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, किरायानामा और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले स्व-सहायता समूहों को अध्यक्ष और सचिव के दस्तावेजों के साथ ग्राम सभा प्रस्ताव या विभागीय आदेश की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।

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